देवल संवाददाता, मऊ। हेपेटाइटिस रोग सीधे-सीधे लीवर पर आक्रमण करता है। इस रोग से बचाव के लिए प्रसव पूर्व सभी महिलाओं की जांच अवश्य की जाती है। इस रोग से मां के संक्रमित होने पर बच्चे में अस्सी प्रतिशत संभावना बढ़ जाती है। यह खामोश कातिल जैसा रोग है। इसे लेकर न डरें,न घबरायें। नियमित उपचार व टीकाकरण से यह ठीक हो सकता है। प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ संजय सिंह ने मंगलवार को शारदा नारायण हास्पिटल सभागार में एस एनएच एवं लायंस क्लब के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित जन जागरुकता कार्यक्रम में व्यक्त किया।डॉ सिंह ने बताया कि हेपेटाइटिस के कारण लीवर सिरोसिस अथवा कैंसर होने का खतरा बना रहता है। आंखों में पीलापन होना,भूख न लगना,थकान होना,पेट में दर्द और पेशाब का पीला होना इसका सामान्य लक्षण है। योगाभ्यास, स्वच्छता,तनावमुक्त जीवनशैली,नियमित जांच एवं टीकाकरण के साथ जागरुकता द्वारा इसे नियंत्रित किया जा सकता है। अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ राहुल कुमार ने बताया कि भारत में लगभग पचास मिलियन लोग इससे प्रभावित हैं। बहुत से लोगों को इस रोग होने के बाद भी जांच न होने से उन्हें पता भी नहीं चलता है। इससे मृत्यु का खतरा भी बना रहता है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ ईना यादव,डॉ विनीता सिंह,डॉ विशाल सिंह,नेत्र सर्जन डॉ मालविका राय ने इस पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम में 85 लोगों की जांच एवं 22 लोगों का निःशुल्क टीकाकरण किया गया। कार्यक्रम में शारदा नारायण नर्सिंग एंड पैरामेडिकल कालेज पहसा गड़वा के छात्रों ने तत्परता से प्रतिभाग किया।
