योगी आदित्यनाथ सरकार की सशक्तिकरण योजना ने दिलाई नई पहचान
कृष्ण, देवल ब्यूरो, अंबेडकर नगर ।जिले के विकास खंड भीटी के रिउना गांव की वंदना ने आर्थिक तंगी और घरेलू जिम्मेदारियों के बीच आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण घर का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा था। ऐसे में उन्होंने मां शीतला आजीविका महिला स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) से जुड़कर मसाला उद्योग शुरू किया। आज उनकी मेहनत और सही मार्गदर्शन के बल पर उनका ब्रांड ‘एआर प्योर मसाला’ अयोध्या मंडल के बाजारों में छा रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार की महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने वाली योजनाओं ने इस सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। शुरुआत में वंदना ने स्थानीय किसानों से हल्दी, मिर्च, धनिया और गरम मसालों का कच्चा माल खरीदना शुरू किया। मसालों को साफ कर धूप में सुखाया जाता, फिर मशीन से पीसकर तैयार किया जाता। आकर्षक और स्वच्छ पैकेजिंग के साथ उत्पाद तैयार होते। ब्लॉक मिशन प्रबंधक के प्रोत्साहन और स्वयं सहायता समूह व सरकारी योजनाओं के सहयोग से उन्हें प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता मिली। उन्होंने गुणवत्ता नियंत्रण, आधुनिक पैकेजिंग, ब्रांडिंग और विपणन की तकनीकें सीखीं। धीरे-धीरे उनके उत्पादों की गुणवत्ता और स्वाद ने ग्राहकों का विश्वास जीता। स्थानीय दुकानों से शुरू हुई बिक्री अब आसपास के बाजारों और सुपरमार्केट तक पहुंच गई है। बेहतर पैकेजिंग और स्वच्छ उत्पादन इकाई ने उनके मसालों को अलग पहचान दिलाई। वर्तमान में उनकी मासिक सेलिंग दो से ढाई लाख रुपये तक पहुंच गई है। जीवन में आमूल चूल परिवर्तन आने पर वंदना ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त किया है।
*अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनीं वंदना*
वंदना ने 2025 में 10 लाख रुपये का लोन लिया, जिससे व्यवसाय का विस्तार हुआ। आज उनका उत्पाद अयोध्या मंडल में सप्लाई हो रहा है। वंदना ने न केवल खुद को आत्मनिर्भर बनाया, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं को भी रोजगार दिया। उनकी इकाई में वर्तमान में 10 महिलाओं को रोजगार मिला हुआ है। मासिक बचत 25 से 30 हजार रुपये हो रही है। वे अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बन चुकी हैं।
*अम्बेडकरनगर बल्कि पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणादायक*
डीएम ईशा प्रिया ने बताया कि आत्मनिर्भर भारत और स्वनिरभर उत्तर प्रदेश के विजन के तहत एसएचजी महिलाओं को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और बाजार उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है, जिसके परिणामस्वरूप वंदना जैसी कई महिलाएं सफल उद्यमी बन रही हैं। यह कहानी दर्शाती है कि मेहनत, सही प्रशिक्षण और सरकारी सहयोग से कोई भी ग्रामीण महिला सफल उद्यमी बन सकती है। वंदना की कहानी न सिर्फ अम्बेडकरनगर बल्कि पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणादायक है।
