कृष्ण, देवल ब्यूरो, अंबेडकर नगर ।अंबेडकरनगर जनपद मुख्यालय पर अवैध रूप से संचालित हो रहे ई-रिक्शाओं ने यातायात व्यवस्था को चरमरा दिया है। बिना लाइसेंस, बिना रजिस्ट्रेशन और यहां तक कि नाबालिग चालकों द्वारा चलाए जा रहे ये ई-रिक्शा न केवल जाम का कारण बन रहे हैं, बल्कि रोजाना दुर्घटनाओं को भी आमंत्रित कर रहे हैं। स्थानीय नागरिकों के अनुसार, मुख्यालय क्षेत्र में सुबह से शाम तक सड़कों पर ई-रिक्शाओं की भरमार रहती है। ज्यादातर चालक बिना ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चला रहे हैं। कई वाहनों का रजिस्ट्रेशन फेल है या बिल्कुल नहीं है। सूत्रों का कहना है कि कुछ ई-रिक्शा नाबालिग बच्चे भी चला रहे हैं, जो न सिर्फ खुद की बल्कि दूसरों की जान को भी खतरे में डाल रहे हैं।प्रशासन की भूमिका सवालों के घेरे में है। जब कभी कोई स्थानीय या मीडिया रिपोर्ट सामने आती है, तो पुलिस या प्रशासन कुछ ई-रिक्शों पर कार्यवाही कर उन्हें जब्त कर लेता है, लेकिन कुछ दिनों बाद स्थिति फिर पुरानी हो जाती है। स्थानीय लोग आरोप लगाते हैं कि प्रशासन "मूकदर्शक" बना हुआ है। अवैध ई-रिक्शा मालिकों और चालकों पर स्थायी अंकुश लगाने के बजाय अस्थायी कार्रवाई तक सीमित रहना आम बात हो गई है।
मंगलवार को एक चौंकाने वाली घटना में स्थानीय मान्यता प्राप्त पत्रकार की ई-रिक्शा की लापरवाही का शिकार बनना पड़ गया। सूत्रों के अनुसार, पत्रकार जब मुख्य सड़क पर जा रहे थे, तभी एक ई-रिक्शा अचानक मुड़ गया। टकराव इतना जोरदार था कि पत्रकार दीनन श्रीवास्तव घायल हो गए। इलाके में इस घटना से रोष व्याप्त है।स्थानीय पत्रकारों और नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध ई-रिक्शाओं पर तुरंत सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि बिना लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन के चल रहे वाहनों को पूरी तरह हटाया जाए तथा नाबालिग चालकों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए।
जनपद मुख्यालय की यातायात व्यवस्था और नागरिकों की सुरक्षा को लेकर उठ रहे इस गंभीर मुद्दे पर अब प्रशासन को तुरंत संज्ञान लेना चाहिए, अन्यथा छोटी-छोटी लापरवाहियां बड़ी दुर्घटनाओं का रूप ले सकती हैं।
