देवल संवाददाता, आजमगढ़। महराजगंज थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि को एटीएम एवं यूपीआई के माध्यम से नकद निकालने वाले एक वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर कूटरचित आधार कार्ड के जरिए विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाकर साइबर अपराध में संलिप्त रहने का आरोप है।
पुलिस के अनुसार, थाना महराजगंज में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 176/2026 में जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी फर्जी आधार कार्ड तैयार कर विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाते थे। इन खातों में साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि मंगाकर एटीएम और जनसेवा केंद्रों के माध्यम से यूपीआई के जरिए नकद निकाली जाती थी। इस मामले में विकास यादव समेत चार आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 317(2), 318(4), 336(3), 340(2) तथा 66C आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण), क्षेत्राधिकारी सगड़ी तथा थानाध्यक्ष जयप्रकाश के नेतृत्व में थाना महराजगंज पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने 20 जुलाई 2026 को रात 12:10 बजे बजरंग चौक, कस्बा महराजगंज से वांछित आरोपी विकास यादव (22 वर्ष) पुत्र राकेश यादव, निवासी उसुरकुढ़वा, थाना महराजगंज को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह साइबर अपराध से प्राप्त धनराशि को विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से एटीएम और जनसेवा केंद्रों से नकद निकालने का काम करता था। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अपने कृत्य पर पछतावा भी जताया और भविष्य में ऐसी गतिविधियों में शामिल न होने की बात कही।
मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में थानाध्यक्ष जयप्रकाश, उपनिरीक्षक राहुल कुमार, कांस्टेबल संगम कुमार, कांस्टेबल सुधीर गोस्वामी तथा साइबर सेल प्रभारी उपनिरीक्षक रविप्रकाश गौतम, मुख्य आरक्षी ओमप्रकाश जायसवाल, कांस्टेबल श्याम कुमार और कांस्टेबल सत्येन्द्र यादव शामिल रहे।
