अमेरिका में इमिग्रेशन को लेकर एक नया प्रस्ताव सामने आया है। दरअसल डोनल्ड ट्रंप की सख्त इमिग्रेशन पॉलिसी के सामने डेमोक्रेटिक सीनेटर एलेक्स पैडिला ने नया बिल पेश किया है। इस बिल का मकसद अमेरिका में रह रहे उन लाखों भारतियों को ग्रीन कार्ड का रास्ता दिलाना है जो लंबे समय से यहां रह रहे हैं।
इस कदम से अमेरिका में रह रहे भारतीय समुदाय को बड़ी राहत मिली है। खासकर उन पेशेअर लोगों को जो H-1B वीजा पर यहां काम कर रहे हैं और लंबे समय से ग्रीन कार्ड मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
अगर यह बिल कानून बन जाता है, तो इससे उन आप्रवासियों के लिए ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन करने का प्रावधान बनेगा जो कम से कम सात साल से लगातार अमेरिका में रह रहे हैं।
80 लाख लोगों को फायदा
कैलिफोर्निया के सीनेटर एलेक्स पैडिला ने कहा कि उनका प्रस्ताव इमिग्रेशन से जुड़े उस नियम को बदलेगा जिसे 1986 के बाद से अपडेट नहीं किया गया और इससे 80 लाख से ज्यादा लोगों को फायदा मिलेगा।
पैडिला ने अपने कार्यालय से जारी एक बयान में कहा, 'एक साल पहले, मैंने ट्रंप प्रशासन द्वारा मेहनती आप्रवासियों के साथ किए जा रहे क्रूर व्यवहार का विरोध करने के लिए यह बिल पेश किया था।'
उन्होंने कहा, 'तब से, राष्ट्रपति ट्रंप का डर फैलाने वाला अभियान और तेज हो गया और परिवार लगातार अनिश्चितता के माहौल में जी रहे हैं, जबकि उन्होंने इस देश में अपना जीवन बनाया है।'
कांग्रेस ने 80 लाख लोगों को नजरअंदाज किया
पैडिला का कहना है कि, 'कांग्रेस उन लाखों लंबे समय से रह रहे लोगों को नजरअंदाज नहीं कर सकती जो हर दिन हमारी अर्थव्यवस्था और समुदायों में योगदान देते हैं।
अब समय आ गया है कि हम अपने आप्रवासन कानूनों को आधुनिक बनाएं और कानूनी रूप से स्थायी निवास के लिए एक निष्पक्ष रास्ता बनाएं।'
लेकिन अभी इस बिल का पास होना एक दूर का सपना लगता है, क्योंकि रिपब्लिकन इसके उलट दिशा में काम कर रहे हैं।
क्या कहता है कानून?
'इमिग्रेशन एक्ट ऑफ 1929 के इमिग्रेशन प्रावधानों का नवीनीकरण' (Renewing Immigration Provisions of the Immigration Act of 1929) कानून उन आप्रवासियों को कानूनी रूप से स्थायी निवासी का दर्जा पाने के लिए आवेदन करने की अनुमति देगा जो कम से कम सात साल से अमेरिका में रह रहे हैं।
आवेदकों का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होना चाहिए और उन्हें ग्रीन कार्ड के लिए जरूरी सभी मौजूदा शर्तों को पूरा करना होगा। इस बिल में 'ड्रीमर्स' (Dreamers), 'टेम्परेरी प्रोटेक्टेड स्टेटस' (TPS) धारक, जरूरी सेवाओं में काम करने वाले लोग और लंबे समय से वीजा धारक लोगों के बच्चे शामिल होंगे।
इससे कुशल कामगारों को भी मदद मिल सकती है, जिनमें H-1B वीजा धारक भी शामिल हैं जो रोज़गार-आधारित ग्रीन कार्ड के लिए सालों से इंतजार कर रहे हैं।
भारतीयों के लिए बूम
यह प्रपोज़ल भारतीय प्रोफेशनल्स के लिए जरूरी माना जा रहा है, जो H-1B वीजा होल्डर्स का एक बड़ा हिस्सा हैं और अक्सर एम्प्लॉयमेंट-बेस्ड ग्रीन कार्ड लिमिट्स की वजह से परमानेंट रेजिडेंसी के लिए लंबा इंतजार करते हैं।
यह बिल इमिग्रेशन एंड नेशनैलिटी एक्ट के सेक्शन 249 में बदलाव करेगा, जिसे रजिस्ट्री के नाम से जाना जाता है।
यह प्रोविजन होमलैंड सिक्योरिटी सेक्रेटरी को कुछ खास लोगों को परमानेंट रेजिडेंसी देने का अधिकार देता है जो एक तय तारीख से देश में रह रहे हैं और दूसरी जरूरतें पूरी करते हैं।
अभी एलिजिबिलिटी कटऑफ 1 जनवरी, 1972 है। पैडिला का लेजिस्लेशन उस तय तारीख को सात साल की रोलिंग जरूरत से बदल देगा। यह बदलाव लागू होने के 60 दिन बाद लागू होगा।
