देवल संवाददाता, मऊ। उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशानुसार प्रदेश के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के पारंपरिक कारीगरों एवं हस्तशिल्पियों के आर्थिक सशक्तिकरण तथा कौशल उन्नयन के उद्देश्य से विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2026-27 के अंतर्गत ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।उपायुक्त उद्योग हरेंद्र प्रताप ने बताया कि योजना के अंतर्गत बढ़ई,दर्जी,कुम्हार,लोहार,नाई, हलवाई, टोकरी बुनकर,मोची,धोबी एवं राजमिस्त्री सहित अन्य पारंपरिक हस्तशिल्पियों को निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण अवधि के दौरान मानदेय भी दिया जाएगा तथा प्रशिक्षण पूर्ण होने पर प्रतिभागियों को उनके व्यवसाय के अनुरूप आधुनिक टूलकिट उपलब्ध कराई जाएगी,जिससे वे अपने स्वरोजगार को और अधिक सुदृढ़ बना सकें।उन्होंने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना, आयु 18 वर्ष या उससे अधिक होना तथा संबंधित पारंपरिक व्यवसाय से जुड़ा होना आवश्यक है। योजना के अंतर्गत एक परिवार से केवल एक सदस्य ही आवेदन करने का पात्र होगा। लाभार्थी किसी भी राष्ट्रीयकृत बैंक,वित्तीय संस्था अथवा सरकारी संस्था का ऋण चूककर्ता (डिफॉल्टर) नहीं होना चाहिए।योजना के अंतर्गत आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से www.msme.updc.gov.in पोर्टल पर किए जाएंगे। आवेदन की अंतिम तिथि 15 जुलाई, 2026 सायं 5:00 बजे निर्धारित की गई है।उपायुक्त उद्योग ने जनपद के सभी पात्र कारीगरों एवं हस्तशिल्पियों से समय रहते ऑनलाइन आवेदन कर योजना का अधिकाधिक लाभ उठाने की अपील की है। योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी के लिए किसी भी कार्य दिवस में जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केंद्र,मऊ से संपर्क किया जा सकता है।
