किंग एडवर्ड मेमोरियल अस्पताल में काम करने वाली एमबीबीएस छात्रा सेजल पवार ने कॉमेडियन प्रणीत मोरे के शो में मजाक में पुरुष शवों (कैडेवर्स) के जननांगों के आकार की तुलना करने की बात कही थी। तब शायद उन्हें लगा होगा कि वह अपनी पेशेवर जिंदगी के बारे में कुछ दिलचस्प बात साझा कर रही हैं।
लेकिन तीन महीने बाद, यह बयान अब किसी के लिए भी मजाक नहीं रह गया है। शवों और शरीर दान करने वालों के अपमानजनक चित्रण को लेकर भारी विरोध हो रहा है और इस मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
अस्पताल ने कॉमेडी शो में छात्रा द्वारा की गई टिप्पणियों को सिरे से खारिज कर दिया है। केईएम अस्पताल और सेठ गोरधनदास सुंदरदास मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. हरीश पाठक ने कहा कि इस तरह की टिप्पणियां पूरी तरह से अस्वीकार्य और बर्दाश्त के बाहर हैं।
हम मृत लोगों के बारे में बात करते समय संवेदनशीलता बरतते हैं क्योंकि उनके अंगों को चिकित्सा उद्देश्यों के लिए दान किया जा सकता है। उन्होंने आगे कहा कि हमने इस मामले की गहन जांच के लिए दो सदस्यीय समिति का गठन किया है। शाम तक जांच के निष्कर्ष आने की उम्मीद है, जिसके आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
सेजल पवार ने सार्वजनिक रूप से मांगी माफी
विरोध के बाद एक सार्वजनिक बयान में सेजल पवार ने लिखा, "मैं हाल ही में वायरल हो रहे क्लिप के बारे में बात करना चाहती हूं। इसे देखने के बाद मैं पूरी तरह समझती हूं कि लोग मेरी बातों से क्यों नाराज हैं। यह एक संवेदनशील विषय है और मेरी टिप्पणियां इस तरह सामने आईं जैसे उन्हें नहीं आना चाहिए था। हालांकि मेरा इरादा किसी का अपमान करने का नहीं था, लेकिन मैं मानती हूं कि इरादे से ज्यादा प्रभाव मायने रखता है।"
उन्होंने अपने बयानों की पूरी जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि एक छात्रा के रूप में यह एक सबक है। उन्होंने आश्वस्त किया कि भविष्य में इस तरह के संवेदनशील विषयों पर बात करते समय अधिक सावधानी बरतेंगी और ऐसी गलती दोबारा नहीं दोहराएंगी।
मेडिकल छात्र संगठन ने की कार्रवाई की मांग
ऑल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने शवों और देहदान करने वालों के असंवेदनशील, गैर-जिम्मेदाराना और अपमानजनक चित्रण की कड़ी निंदा की है। AIMSA ने अपने बयान में कहा कि हर शव उस महान व्यक्ति का प्रतिनिधित्व करता है जिसने चिकित्सा शिक्षा और विज्ञान को आगे बढ़ाने के लिए देहदान का निस्वार्थ निर्णय लिया।
इन्हीं दाताओं के कारण मेडिकल छात्र मानव शरीर रचना विज्ञान सीख पाते हैं और डॉक्टर बनकर अनगिनत जानें बचाते हैं। उनका यह योगदान गरिमा, कृतज्ञता और सम्मान का हकदार है।
छात्र संगठन ने इस कृत्य के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सार्वजनिक माफी और सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही, उन्होंने भारत सरकार के सूचना और प्रसारण मंत्रालय से भी अपील की है कि वे सुनिश्चित करें कि भविष्य में किसी भी प्लेटफॉर्म पर देहदान करने वालों चिकित्सा नैतिकता और मानवीय गरिमा का अपमान करने वाली सामग्री को प्रसारित न किया जाए। AIMSA ने इस मामले में कानूनी कार्रवाई करने की भी चेतावनी दी है।
370 रुपये की बिरयानी विवाद के बाद सेजल पवार का जोक वायरल
प्रणीत मोरे के शो के एक वायरल क्लिप में सेजल पवार को मेडिकल जांच में इस्तेमाल होने वाले शवों के बारे में बात करते हुए सुना जा सकता है। वह बताती हैं कि शरीर के अंगों को कैसे काटा जाता है और फिर वह मृत पुरुष मरीजों के जननांगों की तुलना करने का भद्दा मजाक उड़ाती हैं।
पवार का यह वीडियो 370 रुपये की बिरयानी विवाद के बीच वायरल हुआ। हाल ही में इसी शो में हिमांशु जांगड़ा नाम के एक व्यक्ति ने डेटिंग का अनुभव साझा करते हुए कहा था कि डेट पर बिरयानी के लिए 370 रुपये खर्च करने के बाद उसे महिला से शारीरिक संबंध बनाने का अधिकार मिल गया था।
इस बयान और उस पर दर्शकों के हंसने को लेकर इंटरनेट पर काफी बवाल हुआ था। विवाद बढ़ने के बाद हिमांशु और सेजल दोनों ने अपने-अपने बयानों के लिए माफी मांग ली है।
