2024 के लोकसभा चुनावों के बाद आज सोमवार, 8 जून को पहली बार दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में INDI गठबंधन की बैठक हुई। इस बैठक में 25 पार्टियां शामिल हुईं और सभी ने कई मुद्दों पर अपनी बात रखी।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया, 'INDI गठबंधन की बैठक खत्म हो गई है, जिसमें 25 पार्टियां शामिल हुईं। सभी ने अपनी राय रखी और इसके बाद हम पांच मुद्दों पर सहमत हुए। हमने आज तय किया है कि हम इन मुद्दों के लिए लड़ेंगे, उन पर काम करेंगे और आगे बढ़ेंगे।'
पांच मुद्दों पर बनी सहमति
वोटर लिस्ट में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR)
जांच एजेंसियों के गलत इस्तेमाल का आरोप
गैर-बीजेपी राज्य सरकारों के साथ भेदभाव
पेपर लीक के मुद्दे पर शिक्षा मंत्री का इस्तीफा
कमजोर विदेश नीति, महंगाई और बेरोजगारी पर सरकार का घेराव
CJI को सौंपा जाएगा पत्र
मल्लिकार्जुन खड़गे ने बताया, 'SIR, वोट की लूट और चुनाव में धांधली के बारे में भारत के मुख्य न्यायाधीश को पत्र भेजने पर सहमति बनी है। यह पत्र जल्द ही भारत के मुख्य न्यायाधीश को सौंपा जाएगा।'
शिक्षा मंत्री का मांगा इस्तीफा
कांग्रेस अध्यक्ष ने आगे बताया, 'शिक्षा मंत्री के तुरंत इस्तीफे की मांग पर सर्वसम्मति से सहमति बनी, क्योंकि उनकी देखरेख में NEET और CBSE परीक्षाओं में शामिल होने वाले लाखों युवाओं के साथ धोखा हुआ।'
खड़गे ने आगे कहा, 'केंद्र सरकार को मौजूदा नाजुक आर्थिक स्थिति, बेरोजगारी, महंगाई, किसानों के मुद्दों और लोगों से जुड़े अन्य मुद्दों पर चर्चा के लिए तुरंत सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए।'
कांग्रेस अध्यक्ष ने बताया, 'बैठक में इस बात पर भी सहमति बनी कि सभी पार्टियां हर दो महीने में बैठक करेंगी। संसद के मानसून सत्र के दौरान विपक्ष के नेता के कार्यालय में हर सुबह बैठकें करके संसद में तालमेल बनाए रखा जाएगा।'
विपक्षी गठबंधन की यह बैठक चार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों के बाद हुई है। खबरों के मुताबिक, यह बैठक ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) के अनुरोध पर बुलाई गई थी, जो पश्चिम बंगाल में 15 साल तक सत्ता में रहने के बाद हार गई थी और अब उन्हें पार्टी के भीतर असंतोष का सामना करना पड़ रहा है।
