भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने हिंद-प्रशांत कमान के नाम बदलने के विवाद को खारिज करने हुए कहा कि नाम मायने नहीं रखता। उन्होंने कहा कि लेटरहेड पर नाम महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि यह देखना चाहिए कि अमेरिका वास्तव में क्या कर रहा है।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के मुद्दे पर गोर ने कहा कि यह अंतिम चरण में है और बातचीत का केवल अंतिम एक प्रतिशत हिस्सा ही बचा है। यह व्यापार समझौता जल्द होने की उम्मीद है।
अमेरिकी राजदूत ने सोमवार को यूएस-इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम (यूएसआइएसपीएफ) लीडरशिप समिट को संबोधित करते हुए कहा कि भारत अभी भी अमेरिका के साथ किसी अन्य देश की तुलना में सबसे अधिक सैन्य अभ्यास करता है और दोनों देशों के रक्षा अधिकारी नियमित रूप से एक-दूसरे के यहां दौरे करते हैं।
गोर का यह बयान "इंडो-पैसिफिक कमांड" (हिंद-प्रशांत कमान) से "इंडो" शब्द हटाए जाने को लेकर पैदा हुए विवाद के बीच आया है। 1947 में स्थापित यूएस पैसिफिक कमांड अमेरिका की सबसे पुराने एकीकृत सैन्य कमानों में से एक है, जिसका क्षेत्र अमेरिका के पश्चिमी तट से लेकर भारत की पश्चिमी सीमा तक फैला है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत के बढ़ते रणनीतिक महत्व के मद्देनजर पैसिफिक कमांड का नाम बदलकर इंडो-पैसिफिक कमांड रखा गया था। हालांकि पिछले महीने अमेरिका ने इस कमान का पुराना नाम बहाल कर दिया।
जी-20 सम्मेलन के लिए अमेरिका का दौरा करेंगे पीएम मोदी
यूएसआइएसपीएफ लीडरशिप समिट से इतर एएनआई से बातचीत में गोर ने कहा कि वॉशिंगटन चाहेगा कि पीएम नरेंद्र मोदी फिर अमेरिका का दौरा करें। उन्होंने कहा, "विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने पीएम मोदी से मुलाकात के दौरान उन्हें आमंत्रित किया। हम चाहेंगे कि वह फिर यहां आएं। मुझे पता है कि वह दिसंबर में जी-20 के लिए आ रहे हैं।"
फ्लोरिडा के मियामी में 14-15 दिसंबर को जी-20 शिखर सम्मेलन होना है। पीएम मोदी ने गत वर्ष फरवरी में अमेरिका का अंतिम दौरा किया था। गोर ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप का भारत दौरा जल्द होगा। हालांकि यह दौरा नवंबर में होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से पहले होने की संभावना बहुत कम है।
अमेरिका-भारत संबंध मजबूत, आलोचकों के दावों को किया खारिज
आईएएनएस के मुताबिक, यूएसआइएसपीएफ लीडरशिप समिट में गोर ने अमेरिका-भारत संबंध कमजोर होने को लेकर आलोचकों के दावों को खारिज किया और कहा कि दोनों देशों के संबंध बहुत मजबूत हैं।
भारत के राजदूत के तौर पर छह महीने का कार्यकाल पूरा होने पर गोर ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप भारत के साथ व्यापार संबंधों को मजबूत करने पर व्यक्तिगत रूप से जोर दे रहे हैं, जिसमें बोइंग के साथ एक नई डील भी शामिल है। विमानों को लेकर यह समझौता लगभग पूरा होने वाला है।
