योग प्रशिक्षिका प्राची तिवारी ने विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम कराते हुए कहा कि योग रोगमुक्त जीवन का मूल मंत्र है। उन्होंने लोगों से नियमित योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने वाली प्राचीन भारतीय जीवन पद्धति है। नगर पालिका परिषद अध्यक्ष रूबी प्रसाद ने कहा कि लगभग एक घंटे के योगाभ्यास ने तन और मन को नई ऊर्जा, स्फूर्ति एवं सकारात्मकता से भर दिया। योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ, संतुलित और सफल जीवन जीने की उत्कृष्ट जीवनशैली है। उन्होंने लोगों से नियमित योगाभ्यास अपनाने की अपील करते हुए कहा कि इससे शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार आता है। पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष धर्मवीर तिवारी ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिकता और जीवन दर्शन का अमूल्य उपहार है। यह शरीर, मन और आत्मा के बीच सामंजस्य स्थापित करता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से योग को वैश्विक पहचान मिली है और आज पूरी दुनिया इसे स्वस्थ जीवन के प्रभावी माध्यम के रूप में अपना रही है। अनीता गुप्ता ने कहा कि योग को जीवन का अभिन्न अंग बनाकर ही स्वस्थ भारत और सशक्त भारत का निर्माण संभव है।
उन्होंने योग से निरोग, योग से समृद्ध और योग से विकसित भारत के संकल्प को साकार करने का आह्वान किया। प्राची तिवारी ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के इतिहास और महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम में अधिशासी अधिकारी मुकेश कुमार, विनय श्रीवास्तव, ब्रजेश पाठक, कृष्ण मुरारी गुप्ता, विमलेश त्रिपाठी, धीरेन्द्र पाण्डेय, प्रदीप भारतीय, कीर्ति पाण्डेय, ब्रज भूषण तिवारी, ब्रजेश सिंह, शशांक त्रिपाठी सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।
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