भारत चालू वर्ष 2026 में अपनी ब्रिक्स (BRICS) अध्यक्षता के तहत एक बेहद महत्वपूर्ण वैश्विक आयोजन करने जा रहा है। आगामी 11 और 12 जून 2026 को देश की राजधानी नई दिल्ली में 13वें ब्रिक्स शहरीकरण फोरम का आयोजन किया जाएगा। केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने आज एक प्री-इवेंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी आधिकारिक घोषणा की। उन्होंने बताया कि यह फोरम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'ह्यूमैनिटी फर्स्ट' के विजन और भारत की अध्यक्षता की थीम 'रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी' (लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता) से प्रेरित है।
'सिटीज फॉर पीपल'
इस बार के शहरीकरण फोरम का मुख्य विषय ‘सिटीज फॉर पीपल: ब्रिक्स कोऑपरेशन फॉर इंक्लूसिव एंड रेजिलिएंट अर्बन फ्यूचर्स’ रखा गया है।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि यह थीम भारत के उस दृष्टिकोण को दर्शाती है, जो शहरों की प्लानिंग, शासन और विकास में देश के नागरिकों को केंद्र में रखता है।
चौथी बार मेजबानी कर इतिहास रच रहा भारत
ब्रिक्स के एजेंडे में शहरीकरण के मुद्दे को शामिल कराने और नेतृत्व करने में भारत का इतिहास बेहद शानदार रहा है।
2013 (नई दिल्ली): भारत ने पहली बार इस फोरम की मेजबानी की थी, जिसने ब्रिक्स सहयोग एजेंडे में आधिकारिक तौर पर शहरीकरण को जगह दिलाई।
2016 (विशाखापत्तनम): दूसरी बार भारत ने स्मार्ट सिटी और सतत शहरी विकास के फोकस के साथ मेजबानी की।
2021 (वर्चुअल): महामारी के बाद शहरों की आर्थिक रिकवरी को लेकर भारत ने डिजिटल माध्यम से इसका नेतृत्व किया।
2026 (नई दिल्ली): अब चौथी बार इस मंच की मेजबानी कर भारत शहरी नीतियों के वैश्विक आदान-प्रदान को नई ऊंचाई देने जा रहा है।
तेजी से बढ़ते शहरों की साझा चुनौतियां और प्राथमिकताएं
यह फोरम ऐसे समय में हो रहा है जब भारत सहित कई ब्रिक्स राष्ट्र तीव्र शहरी विकास के दौर से गुजर रहे हैं। इस दौरान सभी देश आवास, गतिशीलता, जलवायु जोखिम, नगर निगमों की क्षमता, शहरी वित्त और नागरिक सेवाओं से जुड़ी साझा चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।
