आमिर, देवल ब्यूरो ,जौनपुर। कलीचाबाद से प्यारेपुर को जोड़ने के लिए गोमती नदी पर लगभग 29.93 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित नया सेतु जल्द ही क्षेत्रवासियों के लिए राहत और विकास का नया द्वार साबित होने जा रहा है। सेतु के शुरू होने के बाद न केवल शहर के यातायात दबाव में कमी आएगी, बल्कि आसपास के सैकड़ों गांवों के लोगों को भी आवागमन के लिए सुगम और वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होगा।
वर्तमान समय में प्यारेपुर, हल्दीपुर, चंबलतारा, डेरा युसूफ सहित दर्जनों गांवों के लोगों को पॉलिटेक्निक, नईगंज, अलीगंज, मदारपुर, बदलापुर, सुल्तानपुर और लखनऊ की ओर जाने के लिए शहर के भीड़भाड़ वाले मार्गों से होकर गुजरना पड़ता है। इसके कारण लोगों का समय तो बर्बाद होता ही है, साथ ही नगर क्षेत्र में वाहनों का दबाव बढ़ने से जाम की समस्या भी गंभीर बनी रहती है।
नए सेतु के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों को सीधा संपर्क मार्ग उपलब्ध होगा, जिससे लोगों को शहर के अंदर प्रवेश किए बिना अपने गंतव्य तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी। इससे शहर की प्रमुख सड़कों पर यातायात का भार कम होगा और आम नागरिकों को जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।
परियोजना के तहत पुल के दोनों ओर संपर्क मार्गों का भी निर्माण कराया गया है। एक ओर लगभग 600 मीटर तथा दूसरी ओर करीब 800 मीटर लंबी सड़क विकसित की गई है, जिससे सेतु तक पहुंचना आसान और सुरक्षित हो सके। बेहतर सड़क संपर्क से ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन व्यवस्था मजबूत होगी और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
स्थानीय नागरिकों का मानना है कि यह सेतु केवल एक आवागमन परियोजना नहीं, बल्कि क्षेत्र के समग्र विकास की आधारशिला साबित होगा। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और रोजगार के अवसरों तक लोगों की पहुंच आसान होगी। किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में सुविधा मिलेगी, वहीं व्यापारिक गतिविधियों को भी नई गति प्राप्त होगी।
गुरुवार को खेल एवं युवा कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) ने निर्माणाधीन सेतु और उससे जुड़े कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से परियोजना की प्रगति की जानकारी लेते हुए कहा कि सेतु के संचालन से शहर में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन का लाभ मिलेगा।
लंबे समय से इस परियोजना के पूर्ण होने की प्रतीक्षा कर रहे क्षेत्रीय लोगों को अब इसके आमजन के लिए खोले जाने का इंतजार है। लोगों का कहना है कि सेतु के चालू होते ही आवागमन की वर्षों पुरानी समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाएगी और क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिलेगी।
