देवल संवाददाता,गाजीपुर। भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप के बीच जिले में बिजली व्यवस्था को लेकर उपभोक्ताओं की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। विद्युत विभाग में मैनपावर की भारी कमी के कारण कई क्षेत्रों में फॉल्ट ठीक होने में दो से तीन दिन तक का समय लग जा रहा है, जिससे आम जनता को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सूत्रों के अनुसार जिले में संविदा कर्मियों की कमी लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन विभागीय जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर समस्या पर मौन साधे हुए हैं। हाल ही में ग्राम बौरी और फुल्ली में दो नए विद्युत उपकेंद्र शुरू किए गए हैं, लेकिन नए उपकेंद्रों के लिए अलग से पर्याप्त मैनपावर की व्यवस्था नहीं की गई। मजबूरी में पुराने संविदा कर्मियों को ही नए उपकेंद्रों पर तैनात कर दिया गया, जिससे पहले से मौजूद कर्मचारियों पर काम का अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है। नगर क्षेत्र से लेकर ग्रामीण अंचलों तक विद्युत व्यवस्था लड़खड़ाती नजर आ रही है। नाइट गैंग की व्यवस्था नहीं होने से रात के समय फॉल्ट आने पर समस्या और गंभीर हो जाती है। वहीं, ऊर्जा मंत्री के निर्देशों के बावजूद जिले में व्यवस्थाओं में अपेक्षित सुधार नहीं दिखाई दे रहा है। बताया जा रहा है कि पिछले माह कई दर्जन से अधिक संविदा कर्मियों की छंटनी के बाद विभाग में कर्मचारियों की कमी और बढ़ गई है। जिले में पहले जहां करीब 1268 संविदा कर्मी तैनात थे, वहीं अब यह संख्या घटकर लगभग 1104 रह गई है। जिले के महत्वपूर्ण विद्युत उपकेंद्र पीरनगर की स्थिति भी मैनपावर संकट को उजागर करती है। इस उपकेंद्र से जिलाधिकारी, न्यायिक अधिकारियों, पुलिस अधीक्षक सहित तमाम महत्वपूर्ण अधिकारियों के आवासों और कार्यालयों की बिजली आपूर्ति जुड़ी है। यहां कुल 6 फीडर हैं, लेकिन कुशल लाइनमैन की संख्या मात्र 4 बताई जा रही है, जबकि आवश्यकता के अनुसार अकुशल संविदा कर्मियों की संख्या 8 होनी चाहिए, जबकि मौके पर केवल 6 कर्मी ही मौजूद हैं। आंधी-तूफान या आपात स्थिति में कर्मचारियों की कमी के कारण आम उपभोक्ताओं को घंटों बिजली संकट झेलना पड़ता है। वहीं, जनप्रतिनिधियों की शिकायतों पर भी अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। सूत्रों का कहना है कि पर्याप्त कुशल लाइनमैन नहीं होने के कारण कई बार बाहरी निजी लोगों से पोल पर चढ़कर कार्य कराया जाता है, जिससे सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। हाल ही में दुल्लहपुर क्षेत्र के ददरा गांव में निजी कर्मी वीरेंद्र विश्वकर्मा की हादसे में मौत हो गई थी। इसके अलावा जिले के अलग-अलग उपकेंद्रों पर संविदा कर्मियों की मौत और कर्मचारियों के हटने के बाद रिक्त स्थानों पर अब तक नई तैनाती नहीं होने से विद्युत आपूर्ति सुचारू रखने में विभाग को परेशानी हो रही है। जमानिया विधानसभा क्षेत्र के विधायक ओमप्रकाश सिंह के गृह क्षेत्र अंतर्गत उपकेंद्र सेवराई में भी कर्मचारियों की कमी बताई जा रही है। यहां तीन फीडर हैं, लेकिन कुशल लाइनमैन की संख्या केवल एक होने से क्षेत्र में बिजली कटौती और फॉल्ट को लेकर उपभोक्ताओं में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। विद्युत विभाग की इस कार्यप्रणाली से जहां सरकार की छवि प्रभावित हो रही है, वहीं ऊर्जा विभाग की व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठ रहे हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि गर्मी के इस मौसम में पर्याप्त कर्मचारी उपलब्ध नहीं कराए गए तो आने वाले दिनों में बिजली संकट और गहरा सकता है। अब देखना होगा कि शासन और विभाग के उच्च अधिकारी इस गंभीर समस्या पर कब तक ध्यान देते हैं और क्या जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होती है या फिर जनता इसी तरह बिजली संकट झेलने को मजबूर रहेगी।
कर्मचारियों की कमी से गाजीपुर में चरमराई बिजली व्यवस्था, भीषण गर्मी में उपभोक्ता बेहाल
जून 24, 2026
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