देवल संवाददाता, आजमगढ़। थाना फूलपुर की साइबर हेल्पडेस्क ने ऑनलाइन कोर्स में एडमिशन दिलाने के नाम पर ठगी का शिकार हुए युवक को बड़ी राहत दिलाते हुए उसकी पूरी धनराशि वापस करा दी। पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते पीड़ित के खाते से निकाले गए ₹9,500 सफलतापूर्वक वापस प्राप्त हो गए।
जानकारी के अनुसार, थाना फूलपुर क्षेत्र के चकजुझारी निवासी विपिन यादव से 30 मई 2026 को एक अज्ञात साइबर अपराधी ने ऑनलाइन कंप्यूटर कोर्स में एडमिशन दिलाने का झांसा देकर ₹9,500 की धोखाधड़ी कर ली थी। घटना की जानकारी होते ही पीड़ित ने राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत मिलने के बाद थाना फूलपुर की साइबर हेल्पडेस्क ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने संबंधित बैंक और अन्य संस्थाओं को नोटिस भेजते हुए तकनीकी जांच के माध्यम से आरोपी के खाते को फ्रीज कराया। साथ ही बैंक के नोडल अधिकारी से समन्वय स्थापित कर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। इसके परिणामस्वरूप ठगी गई पूरी धनराशि पीड़ित के खाते में वापस करा दी गई।
साइबर अपराध से बचने की अपील
आजमगढ़ पुलिस ने आमजन से अपील की है कि ऑनलाइन कोर्स, नौकरी, निवेश, लॉटरी या अन्य आकर्षक ऑफर के नाम पर किसी भी प्रकार का भुगतान करने से पहले संबंधित संस्था की सत्यता अवश्य जांच लें। किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, यूपीआई पिन, सीवीवी या बैंक खाते की गोपनीय जानकारी साझा न करें। साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
साइबर टीम की सराहनीय भूमिका
इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक दयानंद, कांस्टेबल दुर्गेश कुमार विश्वकर्मा एवं महिला आरक्षी पूजा पाण्डेय की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस की तत्परता से पीड़ित को समय रहते आर्थिक राहत मिल सकी।
