देवल, ब्यूरो चीफ,डाला, सोनभद्र। डाला गोलीकांड की 35 वीं बरसी पर मंगलवार को शहीद स्मारक स्थल पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन कर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान सामाजिक संगठनों, श्रमिक नेताओं, जनप्रतिनिधियों तथा क्षेत्रीय नागरिकों ने पुष्पांजलि अर्पित कर दो मिनट का मौन रखा और शहीदों के बलिदान को नमन किया।
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि 2 जून 1991 को तत्कालीन सरकारी सीमेंट फैक्ट्री के निजीकरण के विरोध में चल रहे आंदोलन के दौरान हुई पुलिस फायरिंग में कई आंदोलनकारी शहीद हो गए थे। यह घटना क्षेत्र के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज है, जिसे आज भी लोग श्रमिक संघर्ष और जनआंदोलन के प्रतीक के रूप में याद करते हैं। वक्ताओं ने कहा कि शहीदों के बलिदान ने श्रमिक अधिकारों और जनहित से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि शहीदों के सपनों को साकार करने तथा श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष की भावना को जीवित रखना समय की मांग है। श्रद्धांजलि सभा के दौरान डाला तेरा यह बलिदान, याद रखेगा हिंदुस्तान के नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। उपस्थित लोगों ने शहीद परिवारों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि नई पीढ़ी को डाला गोलीकांड के इतिहास और शहीदों के योगदान से अवगत कराना आवश्यक है। कार्यक्रम के अंत में शांति पाठ का आयोजन किया गया। श्रद्धांजलि सभा में बड़ी संख्या में क्षेत्रवासियों ने भाग लेकर शहीदों के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। वक्ताओं ने कहा कि डाला गोलीकांड केवल एक घटना नहीं, बल्कि श्रमिक एकता, संघर्ष और जनअधिकारों की लड़ाई का प्रतीक है, जिसकी स्मृतियां आज भी लोगों के दिलों में जीवित हैं।
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