देवल संवाददाता, गोरखपुर ।कमिश्नर अनिल ढींगरा ने सीएमआईएस और सीएम डैशबोर्ड के आंकड़ों के आधार पर विकास कार्यों के प्रगति की समीक्षा की। कार्य में लापरवाही के चलते पोर्टल पर रेड श्रेणी में पाए जाने पर तीन अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। कमिश्नर ने सीमांकन से संबंधित न्यायिक कोर्ट के लंबित वादों के निपटारों के देरी चलते गोरखपुर सदर तहसीलदार, देवरिया एसडीएम सहित 14 अधिकारियों का वेतन रोकने के निर्देश दिए।
आयुक्त सभागार में सोमवार को हुई बैठक में मंडल स्तरीय विकास कार्यों, निर्माण परियोजनाओं, विभिन्न विभागों द्वारा संचालित फ्लैगशिप योजनाओं के प्रगति की मासिक समीक्षा हुई। यूपी आरएनएसएस की पांच परियोजनाएं और यूपी प्रोजेक्ट कॉरपोरेशन लिमिटेड की छह परियोजनाएं रेड श्रेणी में दिखने पर एक्सईएन जवाब नहीं दे पाए।
इसके अलावा गोरखपुर एवं देवरिया में तीन महीनों में कुपोषित बच्चों के सुधार का प्रतिशत कम मिला। कमिश्नर ने दोनों एक्सईएन और गोरखपुर व देवरिया के जिला कार्यक्रम अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
सीमांकन व नामांतरण के वादों के निस्तारण में मिली लापरवाही
कमिश्नर ने लंबित न्यायिक वादों के निस्तारण की समीक्षा की। धारा-24 (सीमांकन) के वादों की समीक्षा के दौरान पाया गया कि एसडीएम कैंपियरगंज, गोला, देवरिया सदर, भाटपाररानी और एडीएम प्रथम व द्वितीय देवरिया, अतिरिक्त उप जिलाधिकारी देवरिया के न्यायालय में अत्यधिक वाद लंबित है। निस्तारण में देरी पर सभी का वेतन अग्रिम आदेश तक बाधित करने का निर्देश दिया।
इसी प्रकार धार-34 (नामांतरण) के वादों की समीक्षा 3 वर्ष एवं 5 वर्ष से अधिक समय से वाद तहसीलदार सदर गोरखपुर, तहसीलदार न्यायिक सदर गोरखपुर, तहसीलदार न्यायिक सदर देवरिया, नायब तहसीलदार कैंपियागंज, पिपराइच, रामपुर कारखाना, भटनी के स्तर पर लंबित पाया गया। कमिश्नर ने सभी के वेतन बाधित करने के निर्देश दिए।
सड़कों के चौड़ीकरण व सुंदरीकरण में देरी पर दी चेतावनी
जिले में 10 कराेड़ रुपये से अधिक लागत की परियोजनाओं की समीक्षा करते कमिश्नर ने सड़कों के चौड़ीकरण और सुंदरीकरण कार्यों में देरी पर नाराजगी जताई और सुधार न होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
चार फाटक असुरन मार्ग, मानीराम-बालापार मार्ग एवं गोरखपुर-पिपराईच मार्ग के सुस्त निर्माण कार्य तथा एचएन सिंह चौराहा से हड़हवा फाटक होते हुए गोरखनाथ मंदिर तक जाने वाले मार्ग के कार्य में जल निगम एवं लोक निर्माण विभाग निर्माण खण्ड-3 के कार्यों में तेजी न आने पर तीन अभियंताओं पर नाराजगी जताई। कहा कि सुधार न होने पर कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
विरासत गलियारा में भी कार्य की धीमी प्रगति पर निर्माण खंड-2 के एक्सईएन और एई को फटकार लगाई। महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय से संबंधित आडिटोरियम के निर्माण में देरी पर लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता सचेत किया।
गोड़धोइया नाला एवं रामगढ़ताल के जीर्णोद्धार तथा वाटर ट्रीटमेंट के कार्य में विलंब जल निगम के चीफ इंजीनियर, एसई, एक्सईएन को कड़ी फटकार लगाई। इस अवसर पर डीएम दीपक मीणा, सीडीओ शाश्वत त्रिपुरारी, एडीएम प्रशासन, अधिकारियों के अलावा महराजगंज, देवरिया, कुशीनगर के डीएम, सीडीओ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।
