आमिर, देवल ब्यूरो ,जौनपुर। शहर के तंदूरी दरबार में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान हिंदुस्तान यूनाइटेड मोर्चा ने गौ संरक्षण के मुद्दे पर बड़ा और निर्णायक रुख अपनाते हुए कई महत्वपूर्ण मांगें सरकार के सामने रखीं। संगठन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि यदि जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेशव्यापी जनआंदोलन शुरू किया जाएगा।
पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए संगठन के अध्यक्ष आरिफ खान ने कहा कि गौ रक्षा का मुद्दा अब केवल अपील और घोषणाओं तक सीमित नहीं रहेगा। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो हिंदुस्तान यूनाइटेड मोर्चा पूरे प्रदेश में व्यापक जनआंदोलन खड़ा करेगा।
उन्होंने कहा कि गौ संरक्षण किसी धर्म विशेष का विषय नहीं, बल्कि इंसानियत, करुणा और देश की साझी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने मुस्लिम समाज से भी आगे आकर इस अभियान में भागीदारी करने की अपील की। आरिफ खान ने कहा कि सरकारें कागजों पर योजनाएं बना रही हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात लगातार खराब होते जा रहे हैं। अब जनता जवाब चाहती है और संगठन उसी आवाज को बुलंद करेगा।
वहीं संगठन के उपाध्यक्ष शहनवाज मंजूर ने पश्चिम बंगाल और असम सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि इन राज्यों में तत्काल प्रभाव से गौ हत्या और गोमांस सेवन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि सरकारें इस दिशा में कार्रवाई नहीं करतीं तो उनकी मंशा पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
पत्रकार वार्ता के दौरान संगठन की ओर से बताया गया कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के 15 मई को दोपहर दो बजे सिपाह चौराहे पर आगमन के अवसर पर संस्था द्वारा उनका स्वागत किया जाएगा। साथ ही उनके माध्यम से उत्तर प्रदेश सरकार को गौ संरक्षण से संबंधित मांगों का ज्ञापन भी सौंपा जाएगा।
ज्ञापन में संगठन द्वारा छह प्रमुख मांगें रखी गई हैं, जिनमें गाय को ‘राष्ट्रमाता’ घोषित करने के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजना, उत्तर प्रदेश में गाय को ‘राजकीय माता’ घोषित करना, सभी गौशालाओं में सीसीटीवी निगरानी अनिवार्य करना, प्रत्येक जिले में आधुनिक गो-चिकित्सालय स्थापित करना, घायल गायों के लिए 108 जैसी आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा शुरू करना तथा मृत गायों के सम्मानजनक अंतिम संस्कार के लिए स्पष्ट सरकारी नीति बनाना शामिल है।
पत्रकार वार्ता में संगठन के नेताओं ने साफ संकेत दिया कि आने वाले समय में यह मुद्दा प्रदेश से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर बड़े आंदोलन का रूप ले सकता है। अंत में अध्यक्ष आरिफ खान और उपाध्यक्ष शहनवाज मंजूर ने संयुक्त रूप से कहा कि यह जनभावनाओं की लड़ाई है और इसे हर हाल में अंजाम तक पहुंचाया जाएगा।
