आमिर, देवल ब्यूरो ,जौनपुर। जिले में परिवहन निगम की घोर लापरवाही अब लोगों की जान पर भारी पड़ रही है। शहर के व्यस्त हाईवे और प्रमुख चौराहों को मानो रोडवेज बसों ने अपना अस्थायी अड्डा बना लिया है। हालत यह है कि बसें खुलेआम हाईवे और चौराहों पर खड़ी होकर सवारियां भरती हैं, जिससे न सिर्फ भीषण जाम लगता है बल्कि आए दिन दर्दनाक हादसे भी हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या कोई नई नहीं है, बल्कि लंबे समय से चली आ रही है। खासकर जेसिस चौराहे जैसे व्यस्त स्थानों पर बसों का खड़ा होना आम बात हो गई है। सड़क पर खड़ी बसें ट्रैफिक व्यवस्था को पूरी तरह ध्वस्त कर देती हैं, जिससे छोटे-बड़े वाहन फंस जाते हैं और अफरा-तफरी का माहौल बन जाता है। इस अव्यवस्था के चलते कई बार गंभीर दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें लोगों को अपनी जान तक गंवानी पड़ी है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस गंभीर समस्या को लेकर जब पत्रकार परिवहन निगम डिपो पहुंचते हैं और जिम्मेदार अधिकारियों से सवाल करते हैं, तो उन्हें जवाब देने के बजाय धमकियां दी जाती हैं। आरोप है कि अधिकारी अपनी लापरवाही छिपाने के लिए पत्रकारों के खिलाफ ही मुकदमा दर्ज कराने की बात करने लगते हैं। इस रवैये से साफ जाहिर होता है कि जिम्मेदार लोग अपनी जिम्मेदारी निभाने के बजाय दबाव और डर का सहारा ले रहे हैं।
जनता में इसको लेकर भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि आखिर कब तक इस लापरवाही की कीमत आम नागरिक अपनी जान देकर चुकाते रहेंगे। प्रशासन और परिवहन विभाग की चुप्पी भी कई सवाल खड़े कर रही है।
अब देखना यह है कि क्या जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर समस्या का संज्ञान लेकर कोई ठोस कदम उठाते हैं या फिर इसी तरह हाईवे पर बसें खड़ी होकर मौत का कारण बनती रहेंगी।
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