आमिर, देवल ब्यूरो ,जौनपुर। शासन के निर्देश पर जनपद में सोमवार को सोमनाथ स्वाभिमान पर्व श्रद्धा, भक्ति और सांस्कृतिक उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर जिले भर में धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। सुबह कलेक्ट्रेट परिसर से भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी, छात्र-छात्राएं, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और आमजन शामिल हुए।
कलश यात्रा का शुभारंभ सुबह लगभग साढ़े आठ बजे कलेक्ट्रेट परिसर से हुआ। यात्रा डाक बंगला चौराहा होते हुए पुलिस लाइन स्थित शिव मंदिर पहुंची, जहां भगवान शिव का विधिवत पूजन-अर्चन एवं रुद्राभिषेक किया गया। इसके बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण किया गया।
यात्रा में महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर धार्मिक वातावरण को भक्तिमय बना दिया। “हर-हर महादेव” और भगवान शिव के जयघोष से पूरा वातावरण गूंज उठा। यात्रा मार्ग पर विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं और आम नागरिकों द्वारा पुष्पवर्षा कर कलश यात्रा का स्वागत किया गया। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे, जिससे यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।
कलश यात्रा में जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने श्रद्धालुओं के साथ पूजा-अर्चना कर जनपद की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की।
इसके उपरांत कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित कार्यक्रम में सोमनाथ मंदिर एवं श्री काशी विश्वनाथ धाम वाराणसी से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के प्रेरणादायी उद्बोधन का सजीव प्रसारण देखा और सुना गया। कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष, पूर्व विधायक, प्रशासनिक अधिकारियों एवं अन्य गणमान्य लोगों की उपस्थिति रही।
कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने अतिथियों को अंगवस्त्रम एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। वक्ताओं ने अपने संबोधन में सोमनाथ मंदिर के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह मंदिर भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और राष्ट्र गौरव का प्रतीक है। विपरीत परिस्थितियों में भी सोमनाथ मंदिर ने भारतीय आस्था और आत्मसम्मान को सदैव जीवित रखा है।
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अंतर्गत जिले की सभी तहसीलों, विकास खंडों और ग्राम पंचायतों में स्थित शिव मंदिरों पर स्वच्छता अभियान भी चलाया गया। विभिन्न शिवालयों में महाआरती, ओंकार जाप, भजन-कीर्तन, दीपोत्सव एवं रुद्राभिषेक जैसे धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई।
इसके साथ ही विद्यालयों में पेंटिंग, रंगोली और सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन शिक्षिका नूपुर श्रीवास्तव ने किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
