देवल, ब्यूरो चीफ,सोनभद्र। जनपद का एआरटीओ कार्यालय इन दिनों अव्यवस्था, लापरवाही और सुस्त कार्यप्रणाली का पर्याय बनता जा रहा है। ड्राइविंग लाइसेंस, नवीनीकरण और वाहन संबंधी कार्यों के लिए रोजाना पहुंचने वाले सैकड़ों लोगों को घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद भी निराश लौटना पड़ रहा है। भीषण गर्मी में बदहाल व्यवस्थाओं के बीच आम जनता परेशान है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल लगातार गहराते जा रहे हैं।
सामाजिक एवं आरटीआई कार्यकर्ता कमलेश पांडेय ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर प्रार्थना पत्र के जरिए एआरटीओ कार्यालय में व्याप्त अव्यवस्था और लंबित कार्यों की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। इस संबंध में मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत संख्या 40020026009072 भी दर्ज कराई गई है। शिकायत में कहा गया है कि दूरदराज ग्रामीण क्षेत्रों, आदिवासी इलाकों और सीमावर्ती राज्यों से आने वाले लोग कई-कई दिनों तक लाइसेंस नवीनीकरण और अन्य कार्यों के लिए कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन न तो उन्हें स्पष्ट जानकारी दी जा रही है और न ही समय से कार्यों का निस्तारण हो रहा है। आरोप है कि कार्यालय में लंबित फाइलों की मॉनिटरिंग पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। भीषण 47 डिग्री तापमान के बीच गरीब मजदूर, किसान और वाहन चालक सुबह से शाम तक लाइन में खड़े रहने को मजबूर हैं। कई लोग किराया खर्च कर और मजदूरी छोड़कर कार्यालय पहुंचते हैं, लेकिन बिना काम हुए वापस लौट जाते हैं। कार्यालय परिसर में पेयजल, छाया और बैठने तक की समुचित व्यवस्था नहीं होने से लोगों में भारी नाराजगी है। प्रार्थना पत्र में कई कर्मियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि लोगों को संतोषजनक जवाब नहीं दिया जाता और लंबित आवेदनों को लेकर स्थिति अस्पष्ट बनी रहती है। इससे विभाग की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो रहे हैं। शिकायतकर्ता ने मांग की है कि एआरटीओ कार्यालय में लंबित सभी आवेदनों की जांच कर समयबद्ध निस्तारण कराया जाए, जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए तथा आम जनता को राहत देने के लिए विशेष शिविर लगाए जाएं।
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