कृष्ण, देवल ब्यूरो, अंबेडकर नगर ।दिल दहला देने वाला हादसा! सुबह के वक्त जब स्कूली बच्चे सपनों और किताबों के साथ स्कूल जा रहे थे, तभी मौत ने उनसे साक्षात्कार कर लिया। डायनेमिक एकैडमी ऑफ साइंस की बस अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े पेड़ से जोरदार टकरा गई। बस में सवार दर्जनों स्कूली बच्चे, चालक और स्टाफ चीख-पुकार मचा रहे थे, लेकिन गनीमत रही कि इस भीषण हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई।प्राप्त जानकारी के अनुसार, बस कर्बला से बच्चों को लेकर स्कूल की ओर बढ़ रही थी। इसी दौरान गौसपुर ककरहिया की तरफ से तेज रफ्तार में आ रही एक स्कूटी सवार महिला अचानक मुख्य सड़क पर निकल आई। बस चालक ने बचाव की कोशिश में स्टीयरिंग संभाला, लेकिन बस का संतुलन बिगड़ गया और वह अनियंत्रित होकर सड़क के दाहिनी ओर खड़े पेड़ से भयंकर टकरा गई। बस के टकराने पर क्षण भर में मचा कोहराम!बस के अंदर बच्चे रोने-चिल्लाने लगे। आसपास के लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे और तुरंत राहत-बचाव कार्य शुरू कर दिया। एक-एक कर सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। जब यह पता चला कि किसी बच्चे, चालक या खलासी को गंभीर चोट नहीं आई, तो पूरे इलाके में राहत की लहर दौड़ गई।विद्यालय संचालक अखिलेश मिश्रा ने बताया,
“भगवान की कृपा से इस घटना में कोई अनहोनी नहीं हुई। बस सुरक्षित है और हमारे सभी बच्चे, चालक व स्टाफ सकुशल हैं।”हालांकि, यह हादसा स्थानीय लोगों के गुस्से को भड़का गया है। इलाके के लोग लगातार कह रहे हैं कि सड़क पर लापरवाही और ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। आए दिन छोटे-बड़े हादसे हो रहे हैं, लेकिन प्रशासन सिर्फ कागजों पर कार्रवाई करता दिख रहा है।अभिभावक और स्थानीय लोगों ने कहा कि “अगर अब भी सड़क सुरक्षा पर सख्ती नहीं बरती गई, जागरूकता अभियान नहीं चलाया गया और लापरवाह वाहन चालकों पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।”यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि सड़कें सिर्फ पथ नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य का रास्ता भी हैं। प्रशासन को अब नींद से जागना होगा, वरना ये बाल-बाल बचने वाली घटनाएं एक दिन बड़े दर्दनाक हादसों में बदल सकती हैं।
