देवल संवाददाता, मऊ। सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण साक्षी सिंह ने बताया कि जेल में निरुद्ध बंदियों के परिजनों को अब अपने मुकदमों की जानकारी के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से जिला कारागार मऊ में जल्द ही विधिक सहायता डेस्क स्थापित कर दी जाएगी। इस पहल का उद्देश्य मुलाकातियों को उनके वंदी परिजनों के मुकदमों की प्रगति, जमानत की स्थिति और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं की सटीक जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराना है। दरअसल,जेल में मुलाकात करने आने वाले लोग, खासकर ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग जो कानूनी जानकारी के अभाव में परेशान रहते हैं,उन्हें यह भी पता नहीं होता कि उनके परिजन का केस किस स्तर पर लंबित है,अगली तारीख कब नियत है या जमानत की प्रक्रिया में क्या प्रगति है। ऐसे में यह डेस्क उनके लिए काफी सहायक साबित होगी। विधिक सहायता डेस्क को वन स्टॉप सेंटर के बतौर विकसित किया जाएगा,जहां मुलाकातियों को न केवल परिजन के मुकदमों की जानकारी दी जाएगी,बल्कि उन्हें कानूनी अधिकार के बारे में भी जागरूक किया जाएगा और निःशुल्क अधिवक्ता दिलाने जाने की प्रक्रिया भी समझाई जाएगी।इसके अतिरिक्त,वर्तमान समय में कैदियों से मुलाकात की सुविधा को और सरल बनाने के लिए ई-प्रिजन पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन मुलाकात की व्यवस्था भी उपलब्ध है इच्छुक व्यक्ति पोर्टल पर जाकर बंदी का विवरण दर्ज कर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। आवेदन स्वीकृत होने के बाद निर्धारित तिथि एवं समय पर जेल में मुलाकात की जा सकती है। इससे अनावश्यक भीड़ कम होगी तथा मुलाकात प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनेगी।प्रशिक्षित वालंटियर्स और अधिवक्ताओं की तैनाती डेस्क पर प्रशिक्षित पैरा लीगल वालंटियर्स की तैनाती रहेगी,जो सरल और सहज भाषा में मुलाकातियों को मार्गदर्शन देंगे। इसके अतिरिक्त,लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के अधिवक्ता नियमित अंतराल पर जेल का दौरा करेंगे और बंदियों के मामलों की समीक्षा कर आवश्यक विधिक सहायता उपलब्ध कराएंगे।न्याय पाने के लिए मिलेगी सहज मदद यह पहल न्याय तक समान पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे गरीब,अशिक्षित और दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले लोगों को न्यायिक विधिक प्रक्रिया की जानकारी प्राप्ति में आसानी होगी और वे अपने परिजनों के मामलों को बेहतर तरीके से समझ सकेंगे। जेल प्रशासन के सहयोग से इस व्यवस्था को जल्द ही लागू की जाएगी।
