आमिर, देवल ब्यूरो ,मछलीशहर। पूर्वांचल के जौनपुर जिले की मछलीशहर तहसील इन दिनों महिला नेतृत्व और सशक्तिकरण की अनोखी मिसाल बनकर उभर रही है। यहां राजनीति, प्रशासन और कानून व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों की जिम्मेदारी युवा महिलाओं के हाथों में है, जो बदलते सामाजिक परिदृश्य की नई तस्वीर पेश कर रही है।
मछलीशहर संसदीय क्षेत्र का ऐतिहासिक महत्व पहले से रहा है, लेकिन अब यह क्षेत्र महिला नेतृत्व के कारण नई पहचान बना रहा है। यहां की सांसद प्रिया सरोज देश की युवा सांसदों में गिनी जाती हैं। उनकी सक्रिय कार्यशैली और जनसंपर्क के चलते क्षेत्र में उनकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। संसद से लेकर क्षेत्रीय समस्याओं तक, वह सड़क, बिजली और रेलवे ठहराव जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठा रही हैं। सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता रह चुकी प्रिया सरोज का कहना है कि वह जनता के बीच अपने कार्य और व्यवहार के बल पर विश्वास कायम करना चाहती हैं।
वहीं डॉ. रागिनी सोनकर विधानसभा क्षेत्र का नेतृत्व संभाल रही हैं। युवा विधायक के रूप में वह क्षेत्रीय विकास और जनसमस्याओं के समाधान को लेकर लगातार सक्रिय दिखाई देती हैं।
प्रशासनिक व्यवस्था में भी महिलाओं की मजबूत भागीदारी देखने को मिल रही है। जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन द्वारा बदलापुर की उप जिलाधिकारी योगिता सिंह को मछलीशहर का नया एसडीएम नियुक्त किया गया है। उनकी कार्यशैली और प्रशासनिक सक्रियता पहले से चर्चा में रही है।
कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाल रहीं पुलिस उपाधीक्षक प्रतिभा वर्मा भी क्षेत्र में अपनी सक्रियता और अनुशासित कार्यप्रणाली के कारण लोगों के बीच भरोसा कायम कर रही हैं।
एक ही तहसील में सांसद, विधायक, एसडीएम और पुलिस उपाधीक्षक जैसे चार अहम पदों पर महिलाओं की मौजूदगी अपने आप में विशेष मानी जा रही है। यह केवल संयोग नहीं बल्कि समाज में तेजी से बढ़ती महिला भागीदारी और नेतृत्व क्षमता का उदाहरण है।
राज्यसभा सांसद सीमा द्विवेदी ने भी इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में सकारात्मक संकेत बताया। उनका कहना है कि महिलाएं अब हर क्षेत्र में अपनी क्षमता साबित कर रही हैं और नेतृत्व की भूमिका में मजबूती से आगे बढ़ रही हैं।
मछलीशहर आज यह संदेश दे रहा है कि जब महिलाओं को अवसर मिलता है, तो वे केवल जिम्मेदारी ही नहीं निभातीं, बल्कि समाज को नई दिशा देने का कार्य भी करती हैं।
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