देवल संवाददाता, मऊ।उप कृषि निदेशक सोम प्रकाश गुप्ता ने बताया कि जनपद के समस्त कृषकों को सूचित किया जाता है कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजनान्तर्गत केवल वास्तविक एवं जीवित लाभार्थी कृषकों को लाभप्राप्त हो सके यह सुनिश्चित किये जाने हेतु पी०एम० किसान लाभार्थियों के लिए वार्षिक ई-के० वाई० सी० अनिवार्य रूप से कराया जाना है। ई-के० वाई० सी की प्रक्रिया बॉयोमेट्रिक या फेशियल ई-के० वाई०सी० अपने नजदीकी जन सेवा केन्द्र/पी०एम० किसान मोबाइल एप के माध्यम से अथवा कृषि विभाग के बीज गोदाम पर क्षेत्रीय कर्मचारियों के माध्यम से भी करा सकते हैं। सभी पी०एम० किसान के लाभार्थियों से अनुरोध है कि चालू वर्ष के लिए ई-के० वाई०सी० की प्रक्रिया को 30 जून 2026 तक अनिवार्य रूप से पूर्ण करा ले। कृषक द्वारा ई-के० वाई०सी की प्रक्रिया यदि समय से पूर्ण नहीं की जाती है तो कृषक स्वतः ही अपात्रता की श्रेणी में आ जायेगा व उसकी आगामी किस्तों के भुगतान पर रोक लग जायेगी। इसी प्रकार किसान भाईयों को अवगत कराना है कि ऐसे कृषक जो कि 01 फरवरी 2019 से पूर्व ही भूमि धारक है, परन्तु पी०एम० किसान हेतु पंजीकरण नहीं करा पाये हैं, ऐसे पात्र कृषकों के लिए पुनः पोर्टल पर पंजीकरण हेतु आप्शन उपलब्ध करा दिया गया है। ऐसे किसान जो किसी संवैधानिक पद/मंत्री/राज्यमंत्री/सदस्य लोकसभा/ राज्य सभ/विधान सभा/विधान परिषद/मेयर/जिला पंचायत अध्यक्ष,केन्द्र व राज्य सरकार के अधिकारी/कर्मचारी, राज्य सरकार सहायतित अर्थ सरकारी संस्थान तथा सरकार से सम्बन्द्ध समस्त कार्यालय/स्वायत्तशासी संस्थान तथा स्थानीय निकायों के नियमित कार्मिक (चतुर्थ श्रेणी/समूह-घ को छोड़कर), विगत वर्षों में 'कर निर्धारण वर्ष में आयकर का भुगतान किया हो, जिसकी मासिक पेंशन रू०10000 से अधिक है (चतुर्थ श्रेणी/समूह-घ को छोड़कर),पेशेवर डाक्टर/इंजीनियर/अधिवक्ता/चार्टर्ड एकाउन्टेंट/आर्कटिक्ट इत्यादि, अपने से सम्बन्धित पेशे के लिए पंजीकरण करने वाली संस्था में पंजीकृत है तथा पेशे में कार्यरत हैं तथा इसके साथ ही जो किसान 01 फरवरी 2019 के बाद कृषि भूमि क्रय किया हो ऐसे सभी कृषक योजना हेतु अपात्र हैं।
