भारतीय क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली ने स्वीकार किया है कि भारत की कप्तानी छोड़ने के बाद वह मानसिक रूप से कठिन और परेशान करने वाले दौर से गुजर रहे थे, लेकिन उन्होंने पूर्व मुख्य कोच राहुल द्रविड़ और बल्लेबाजी कोच विक्रम राठौर का आभार व्यक्त किया, जिनकी मदद से उन्हें फिर से क्रिकेट का आनंद लेने में सहायता मिली।
कोहली ने 2022 में कप्तानी छोड़ी थी और उसी वर्ष टेस्ट क्रिकेट में उनका प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा था। उन्होंने छह टेस्ट मैच में सिर्फ एक अर्धशतक की मदद से 265 रन बनाए थे। इस दौरान उनका औसत 26.5 रहा था। द्रविड़ ने नवंबर 2021 में मुख्य कोच और विक्रम राठौर ने बल्लेबाजी कोच के रूप में भारतीय टीम की जिम्मेदारी संभाली थी। उन्होंने कोहली में फिर से जोश जगाया और संघर्ष कर रहे इस बल्लेबाज को खराब दौर से निकलने में मदद की।
राहुल द्रविड़ को विराट कोहली ने दिया श्रेय
विराट ने ‘आरसीबी इनोवेशन लैब’ के ‘इंडियन स्पोर्ट्स समिट’ के तीसरे सत्र के दौरान कहा, "द्रविड़ और राठौर उनके मन की अंदरूनी परेशानियों को समझते थे और उन्हें उनसे उबरने का रास्ता दिखाया। उन्होंने मानसिक रूप से मेरा बहुत ख्याल रखा। इससे मुझे ऐसी स्थिति मिली जहां मैं फिर से क्रिकेट का आनंद ले सका। लेकिन जब मैं पूरी तरह से व्यस्त था, तब मुझे कभी ऐसा नहीं लगा कि मैं चाहता हूं कि कोई मुझसे पूछे। मैं सब कुछ संभालने में काफी सक्षम था।"
विराट कोहली ने कप्तानी छोड़ने का कारण बताया
कोहली का कहना है कि वे पूरी तरह से इससे थक चुके थे और इसी वजह से टेस्ट टीम कप्तानी छोड़ने का फैसला किया था। उन्होंने कहा, "मैं उस समय ऐसी स्थिति में पहुंचा गया था, जहां पर बल्लेबाजी और कप्तानी पर सबकुछ केंद्रित था। मुझे इस बात का एहसास नहीं था कि दोनों चीजें मेरे जीवन पर कितना असर डाल सकती हैं। मैं भारतीय क्रिकेट को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित था। मैं पूरी तरह से थक चुका था और यही कारण है कि मैंने कप्तानी छोड़ने का फैसला किया था। मैं पूरी तरह से इसमें डूब गया था। सभी उम्मीदों को संभालना बहुत मुश्किल हो रहा था।"
