कृष्ण, देवल ब्यूरो, अंबेडकर नगर ।कटेहरी विकास खंड की ग्राम पंचायत प्रतापपुर चमुर्खा में वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के विकास कार्यों में कथित भ्रष्टाचार की जांच अब विवादों के घेरे में आ गई है। जिला पंचायत राज अधिकारी अनुपम शुक्ला द्वारा 27 मार्च 2026 को गठित 3 सदस्यीय जांच कमेटी को एक माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी मूल दस्तावेज उपलब्ध कराए जा चुके हैं।सूत्रों और स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान तथा ग्राम पंचायत अधिकारी जांच कमेटी को प्रभावित करने और “मैनेज” करने के प्रयास कर रहे हैं।जिससे जांच की रफ्तार सुस्त पड़ी रहे।कार्य स्थल का भौतिक सत्यापन, ठेकेदारों के बयान और फंड उपयोगिता की जांच अभी शुरू ही नहीं हो पाई है।
ग्रामीणों का कहना है कि प्रधान और पंचायत अधिकारी स्तर पर जांच कमेटी के सदस्यों से अनौपचारिक संपर्क और दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। कुछ सूत्रों का दावा है कि फाइलें घुमाई जा रही हैं और समय बिताने की रणनीति अपनाई जा रही है, ताकि जांच रिपोर्ट कमजोर या प्रभावित हो सके।जांच कमेटी अभी मुख्य रूप से दस्तावेजों की मांग तक सीमित है। भौतिक सत्यापन और गहन ऑडिट अभी बाकी है। ग्रामीण अब इस बात पर नजर रखे हुए हैं कि 3 सदस्यीय कमेटी स्वतंत्र रूप से काम करती है या फिर प्रधान-पंचायत अधिकारी के प्रभाव में आ जाती है।
