देवल संवाददाता, आजमगढ़। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के शानदार प्रदर्शन के पीछे आजमगढ़ के युवा भाजपा नेता श्री कृष्ण किशन भैया की रणनीति और संगठनात्मक क्षमता की जमकर चर्चा हो रही है। कोलकाता महानगर के विभाग प्रभारी के रूप में 70 दिनों तक लगातार मैदान में डटे रहे किशन भैया ने कठिन परिस्थितियों और विरोध के बावजूद 28 में से 24 विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा को मजबूत बढ़त दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
जमीनी स्तर पर चलाए असरदार अभियान
चुनाव के दौरान किशन भैया ने ‘प्लाकार्ड अभियान’, ‘युवा भरोसा कार्ड’ और व्यापक ‘जनसंपर्क अभियान’ जैसे कार्यक्रमों को जमीनी स्तर पर उतारा। इन अभियानों के जरिए उन्होंने सीधे युवाओं और आम जनता से संवाद स्थापित किया, जिससे भाजपा को कोलकाता महानगर क्षेत्र में व्यापक समर्थन मिला। संगठन और कार्यकर्ताओं के बीच उनकी सक्रियता और नेतृत्व क्षमता की खूब सराहना हुई।
टीएमसी के विरोध के बीच नहीं डिगे कदम
प्रचार अभियान के दौरान किशन भैया को कई बार विरोध और हमलों का सामना भी करना पड़ा। उनके वाहनों पर पथराव किए गए और कार्यकर्ताओं को डराने की कोशिश हुई, लेकिन उन्होंने पीछे हटने के बजाय मजबूती से मोर्चा संभाला। कई मौकों पर उन्होंने खुद आगे बढ़कर स्थिति को नियंत्रित किया और संगठन के अभियान को रुकने नहीं दिया।
पिता के सपने को बताया अपनी प्रेरणा
अपनी सफलता पर भावुक होते हुए किशन भैया ने कहा कि उनके पिता प्रभुनाथ सिंह मयंक, जो शिक्षाविद होने के साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक भी रहे हैं, हमेशा पश्चिम बंगाल में भाजपा की विचारधारा मजबूत होते देखने का सपना देखते थे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय नेतृत्व के मार्गदर्शन और कार्यकर्ताओं के सहयोग से वह सपना अब साकार होता दिखाई दे रहा है।
अब मिशन उत्तर प्रदेश पर नजर
बिहार, हरियाणा, दिल्ली और पश्चिम बंगाल में संगठन के लिए काम कर चुके किशन भैया ने अब आगामी उत्तर प्रदेश चुनाव में भी पूरी ताकत से जुटने की बात कही। उन्होंने कहा कि पार्टी उन्हें जो भी जिम्मेदारी देगी, उसे पूरी निष्ठा के साथ निभाते हुए प्रदेश में भाजपा की प्रचंड बहुमत वाली सरकार बनाने के लिए कार्य करेंगे।
युवाओं में उत्साह की लहर
आजमगढ़ के युवा नेता की इस उपलब्धि से जिले समेत पूरे पूर्वांचल में उत्साह का माहौल है। भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों का कहना है कि किशन भैया ने अपने संगठनात्मक कौशल और साहस से यह साबित कर दिया है कि मेहनत और समर्पण के दम पर किसी भी चुनौती को अवसर में बदला जा सकता है।
