लाखों रुपये खर्च, पिलरों में सरिया तक गायब — जांच में खुलासा, फिर भी कार्रवाई फाइलों में गायब
कृष्ण, देवल ब्यूरो, अंबेडकर नगर ।अम्बेडकरनगर जनपद के विकास खण्ड भियांव अंतर्गत ग्राम पंचायत आशापार में मनरेगा योजना के तहत बनाए गए पार्क की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों के अनुसार, लाखों रुपये की लागत से निर्मित यह पार्क महज कुछ महीनों में ही धराशायी होने लगा है।प्रांतीय लोक निर्माण विभाग, अम्बेडकरनगर की टीम (अधिशासी अभियंता एवं सहायक अभियंता) ने मौके का निरीक्षण किया। जांच रिपोर्ट में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए — बाउंड्री वॉल के कई आरसीसी पिलर टूटे हुए मिले, जाली कटकर क्षतिग्रस्त थी और सबसे गंभीर बात यह कि तीन पिलरों में सरिया (रॉड) बाहर दिखाई ही नहीं दी, जबकि एक पिलर में तो सरिया का इस्तेमाल ही नहीं किया गया। इंटरलॉकिंग टाइल्स वाले मार्ग का निर्माण भी मानकों के विपरीत पाया गया।पूरी जांच में निर्माण कार्य में मानकों की घोर अनदेखी साबित हो गई, लेकिन दोषियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। मामला केवल पत्राचार तक सीमित रह गया। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि विकास खण्ड के बीडीओ और एडीओ (आरडी) ने कथित रूप से कमीशन लेकर पूरे मामले को दबा दिया। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि उन्हें बार-बार गुमराह किया गया और अब तक न्याय नहीं मिल पाया।ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि ऑडिट टीम ने निष्पक्ष जांच की बजाय महज औपचारिकता निभाई, जिसके चलते ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव को क्लीन चिट मिल गई। एक ग्रामीण ने कहा, “पैसे तो लुट गए, लेकिन पार्क खुद गिर रहा है। इस भ्रष्ट सिस्टम में आम आदमी कहाँ न्याय मांगे?”अब सभी की निगाहें जिला अधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी और जिला स्तरीय जांच टीम पर टिकी हैं कि क्या वे इस मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे या यह मामला भी अन्य घोटालों की तरह फाइलों में ही दफन हो जाएगा।ग्राम पंचायत आशापार का यह मनरेगा पार्क वर्तमान में पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीण अब उच्चाधिकारियों और सीएम हेल्पलाइन से सख्त जांच की मांग कर रहे हैं।
