अमेरिका में ईरान युद्ध को लेकर सियासत तेज हो गई है। डेमोक्रेटिक पार्टी के वरिष्ठ सांसदों ने राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की रणनीति पर कड़ा हमला बोला है और तुरंत युद्धविराम की मांग की है।
अमेरिकी संसद की विदेश मामलों की समिति के वरिष्ठ डेमोक्रेट नेताओं ने ट्रंप सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि एक महीने से ज्यादा समय बीतने के बावजूद युद्ध के कोई स्पष्ट नतीजे नहीं दिख रहे हैं। नेताओं ने संयुक्त बयान में कहा कि ट्रंप ने बिना स्पष्ट योजना के यह युद्ध शुरू किया और अब तक अपने लक्ष्यों को हासिल नहीं कर पाए हैं।
रणनीति पर सवाल
डेमोक्रेट नेताओं का कहना है कि इस युद्ध से न तो ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर कोई बड़ा असर पड़ा है और न ही उसकी मिसाइल क्षमता या आतंकी संगठनों को समर्थन देने की नीति में बदलाव आया है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान की आम जनता को भी इस युद्ध से कोई राहत नहीं मिली है। उनके मुताबिक, ट्रंप प्रशासन अब तक कोई ठोस रणनीतिक सफलता हासिल नहीं कर पाया है।
डेमोक्रेट सांसदों ने कहा कि इस युद्ध की कीमत बहुत ज्यादा है। इसमें 13 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो चुकी है और सैकड़ों घायल हुए हैं। साथ ही अरबों डॉलर के हथियार और सैन्य उपकरण भी नष्ट हुए हैं।
उन्होंने बताया कि हजारों ईरानी नागरिकों की भी मौत हुई है, जिनमें 150 से ज्यादा स्कूली लड़कियां शामिल हैं। इसके अलावा इस युद्ध ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि तेल, खाद और हीलियम जैसी जरूरी चीजों की आपूर्ति पर असर पड़ा है और मध्य पूर्व में तनाव बढ़ गया है।
सहयोगियों से रिश्तों पर असर
डेमोक्रेट नेताओं ने आरोप लगाया कि ट्रंप की नीतियों की वजह से अमेरिका के कई पुराने सहयोगी देश भी नाराज हो गए हैं और इस युद्ध में साथ देने से पीछे हट रहे हैं। उन्होंने कहा कि ट्रंप ने अपने सहयोगियों के साथ खराब व्यवहार किया, जिससे अमेरिका की वैश्विक स्थिति कमजोर हुई है।
डेमोक्रेट नेताओं ने राष्ट्रपति से अपील की कि वे तुरंत ईरान के साथ युद्धविराम के लिए बातचीत शुरू करें और कूटनीतिक समाधान तलाशें। उन्होंने कहा कि यही एक तरीका है जिससे इस युद्ध को खत्म किया जा सकता है, वरना यह एक लंबा और नुकसानदायक संघर्ष बन सकता है।
