देवल, ब्यूरो चीफ,म्योरपुर, सोनभद्र। विकास खंड क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में जल संकट गहराता जा रहा है। जल स्रोत तेजी से सूख रहे हैं और भूगर्भ जलस्तर लगातार नीचे खिसकता जा रहा है। इसका सीधा असर हैंडपंपों पर पड़ा है, जिनसे अब पर्याप्त पानी नहीं निकल पा रहा है। अप्रैल की शुरुआत में ही बढ़ती गर्मी ने हालात और गंभीर कर दिए हैं। म्योरपुर ब्लॉक का पथरीला व ऊबड़-खाबड़ क्षेत्र हर वर्ष जल संकट से जूझता है, लेकिन इस बार स्थिति अधिक विकट होती दिख रही है। कुएं, तालाब, बंधी और बांध तेजी से सूख रहे हैं, जबकि कई बंधियां तो मार्च महीने में ही पूरी तरह सूख चुकी हैं। कुओं का जलस्तर भी काफी नीचे पहुंच गया है, जिससे ग्रामीणों के सामने पेयजल का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रदेश सरकार की "हर घर नल जल योजना" का लाभ अब तक गांवों तक पूरी तरह नहीं पहुंच सका है। वहीं, अभी तक पानी के टैंकरों का संचालन भी शुरू नहीं किया गया है। खैराही, किरवानी, रनटोला समेत दर्जनों गांवों में लोग पानी की कमी से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित करते हुए जल्द से जल्द पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की है। कुसुमलता, विजय, फिरोज, सलीम, अशोक, सावित्री, सूरज, दिनेश, अरविंद सहित सामाजिक कार्यकर्ता प्रशांत दुबे (बाबा) ने संबंधित विभाग से पानी की आपूर्ति शीघ्र सुचारू कराने की अपील की है। वहीं, "हर घर नल जल योजना" के प्रबंधक प्रहलाद कुमार ने बताया कि कुछ गांवों में ही पानी की आपूर्ति बाधित है और अगले एक माह के भीतर सभी गांवों में नियमित जल आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी।
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