देवल, ब्यूरो चीफ,शक्तिनगर, सोनभद्र। शक्तिनगर के कोटा बस्ती क्षेत्र से खड़िया बाजार तक इन दिनों एनटीपीसी द्वारा राख (ऐश) का बेकाबू परिवहन स्थानीय लोगों के लिए गंभीर समस्या बन गया है। शाम करीब 8:30 बजे के बाद भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से पूरा बाजार धूल के गुबार में तब्दील हो जाता है, जिससे आमजन और व्यापारियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय दुकानदारों के अनुसार, जैसे ही शाम ढलती है, राख से लदे ट्रकों का काफिला शुरू हो जाता है। अधिकांश वाहन बिना ढके और तेज रफ्तार में चलते हैं, जिससे सड़क पर धूल का गुंबद बन जाता है। हालात इतने खराब हो जाते हैं कि लोगों का सांस लेना तक मुश्किल हो जाता है। राहगीरों और बाइक सवारों के लिए यह स्थिति बेहद खतरनाक साबित हो रही है, क्योंकि धूल के कारण दृश्यता (विजिबिलिटी) कम हो जाती है और दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। धूल के कारण दुकानों में रखे सामान पर मोटी परत जम रही है, जिससे व्यापार भी प्रभावित हो रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन अब यह असहनीय हो चुकी है। लोगों ने प्रशासन और एनटीपीसी प्रबंधन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा है कि राख परिवहन को नियंत्रित किया जाए, वाहनों को ढककर चलाना अनिवार्य किया जाए तथा सड़क पर नियमित पानी का छिड़काव कराया जाए। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
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