देवल संवाददाता, आजमगढ़, राजकीय श्री दुर्गा जी होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, चंडेश्वर, आजमगढ़ में विश्व होम्योपैथी दिवस के अवसर पर 10 दिवसीय कार्यक्रम श्रृंखला का भव्य एवं गरिमामय शुभारंभ किया गया। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग, नई दिल्ली के निर्देशों के अनुपालन में आयोजित किया जा रहा है। हैनिमन हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डॉ. संजय कुमार पाण्डेय ने दीप प्रज्वलन कर किया।
उद्घाटन सत्र में महाविद्यालय के शिक्षकगण, चिकित्सक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उत्साहपूर्वक उपस्थित रहे। अपने संबोधन में प्राचार्य प्रो. पाण्डेय ने कहा कि किसी भी कार्यक्रम की सफलता समर्पण, ऊर्जा और टीम वर्क पर आधारित होती है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से पूरे उत्साह और लगन के साथ कार्यक्रमों में सक्रिय सहभागिता करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने होम्योपैथी की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए इसे एक समग्र एवं संवेदनशील चिकित्सा पद्धति बताया, जो रोगी के सम्पूर्ण व्यक्तित्व को ध्यान में रखकर उपचार करती है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ-साथ सेवा भावना के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
वक्ताओं ने यह भी कहा कि इस प्रकार के मंच विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा निखारने और आत्मविश्वास बढ़ाने का सुनहरा अवसर प्रदान करते हैं। ऐसे आयोजन भविष्य के कुशल, जागरूक एवं संवेदनशील चिकित्सकों के निर्माण में सहायक सिद्ध होते हैं।
इस अवसर पर एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. चंद्र प्रकाश मिश्रा ने 1 से 10 अप्रैल तक आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि इस श्रृंखला के अंतर्गत सेमिनार, विशेषज्ञ व्याख्यान, स्वास्थ्य जागरूकता अभियान, निःशुल्क चिकित्सा शिविर तथा विभिन्न शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा।
कार्यक्रम की शुरुआत होम्योपैथी के जनक डॉ. सैमुएल हैनिमन एवं माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं पुष्पांजलि अर्पित कर की गई, जिससे पूरे वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा एवं आध्यात्मिकता का संचार हुआ।
उद्घाटन अवसर पर आयोजित प्रतियोगिताओं में छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपनी रचनात्मकता एवं कलात्मक प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। प्रतियोगिताओं का आयोजन सांस्कृतिक समिति के संयोजन में डॉ. चंद्र प्रकाश मिश्रा, डॉ. विक्रांत गर्ग, डॉ. अजय कुमार पाण्डेय, डॉ. योगेश कुमार शर्मा, डॉ. प्रस्तुति जायसवाल, डॉ. कविता उपाध्याय, डॉ. शिखा आनंद एवं डॉ. भूपेश त्याल की देखरेख में संपन्न हुआ।
निर्णायक मंडल द्वारा प्रतिभागियों का मूल्यांकन उनकी रचनात्मकता, प्रस्तुति, स्वच्छता एवं तकनीकी दक्षता के आधार पर किया गया।
समग्र रूप से यह आयोजन न केवल शैक्षणिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, आत्मविश्वास और सामाजिक जागरूकता को सुदृढ़ करने में भी प्रभावी सिद्ध हुआ। महाविद्यालय प्रशासन ने विश्वास व्यक्त किया कि यह 10 दिवसीय कार्यक्रम होम्योपैथी के व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ नई ऊर्जा और प्रेरणा का संचार करेगा।
