प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप से बात की है। दोनों नेताओं के बीच पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष पर चर्चा की। यह जानकारी भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने दी।
सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा, 'राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने अभी-अभी प्रधानमंत्री मोदी से बात की। उन्होंने मध्य-पूर्व में चल रही स्थिति पर चर्चा की, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने का महत्व भी शामिल था।'
इजरायल के राजदूत का बयान
इजरायल के राजदूत रुवेन अजार ने पीएम मोदी के होर्मुज वाले बयान पर कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य की मौजूदा स्थिति की वजह सिर्फ यह है कि ईरानी शासन ने दुनिया को डराने और अमेरिका से रियायतें ऐंठने का फैसला कर लिया है। इसके लिए वे उन दूसरे देशों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं जिन्हें वे अपना दोस्त मानते हैं।
अजार ने कहा, 'वे खाड़ी देशों पर बड़े पैमाने पर हमले कर रहे हैं और बिना किसी वजह के अंतरराष्ट्रीय व्यापार में रुकावट डाल रहे हैं। अब एक नए UN सुरक्षा परिषद प्रस्ताव की नई पहल होनी चाहिए। यह प्रस्ताव एक अंतरराष्ट्रीय सेना को अनुच्छेद 7 के तहत अधिकार देगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि जलडमरूमध्य खुले रहें।'
कुछ दिन पहले ईरानी राष्ट्रपति से की थी बात
बता दें कि इसके पहले 12 मार्च को पीएम मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से टेलीफोन पर बातचीत की थी। संघर्ष शुरू होने के बाद दोनों नेताओं के बीच यह पहला सीधा संपर्क था। बातचीत में प्रधानमंत्री ने क्षेत्र में तेजी से बिगड़ती स्थिति, नागरिकों की मौत और नागरिक ढांचे को हो रहे नुकसान पर गहरी चिंता व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि भारत की प्राथमिकता अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ सामान और ऊर्जा के निर्बाध परिवहन को बनाए रखना है। बातचीत में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा, समुद्री जहाजों की सुरक्षित आवाजाही और ऊर्जा आपूर्ति की निरंतरता जैसे मुद्दों पर विशेष जोर दिया गया था।
आज मंगलवार को ही पीएम मोदी ने राज्यसभा में पश्चिम एशिया के हालात पर चिंता जताई है। पीएम ने कहा कि पेट्रोल डीजल गैस और फर्टिलाइजर जैसे जरूरी सामानों की सप्लाई प्रभावित हुई। गल्फ में एक करोड़ भारतीय रहते हैं। उनके जीवन और आजीविका भारत के लिए चिंता का विषय है। होर्मुज स्ट्रेट में भारतीय क्रू मेंबर फंसे हैं, ये भी बारत के लिए चिंता का विषय है।
