आमिर, देवल ब्यूरो ,जौनपुर। आजमगढ़ से दिल्ली जाने वाली कैफियात एक्सप्रेस ट्रेन में बुधवार शाम यात्रियों और वेंडरों के बीच हुई मारपीट में एक वेंडर घायल हो गया। घटना के बाद प्लेटफार्म पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची जीआरपी ने घायल वेंडर का उपचार करवाते हुए पांच लोगों को हिरासत में लेकर शांति भंग की आशंका में उनका चालान कर न्यायालय भेज दिया।
सूत्रों के अनुसार बुधवार शाम करीब 6:30 बजे आजमगढ़ से दिल्ली जाने वाली कैफियात एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 12225) शाहगंज रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर तीन पर आकर रुकी थी। इसी दौरान जनरल टिकट पर यात्रा कर रहे आजमगढ़ जनपद के माहे नगर थाना क्षेत्र निवासी बेचू यादव और गुलाब यादव की किसी बात को लेकर ट्रेन में मौजूद वेंडरों से कहासुनी हो गई।
देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच मारपीट शुरू हो गई। मारपीट के दौरान वेंडर राधेश्याम, पवन गोंड़ और अनिल गोंड़ भी इसमें शामिल हो गए। इसी दौरान एक वेंडर के सिर पर चोट लग गई, जिससे वह घायल हो गया। घटना के कारण प्लेटफार्म पर मौजूद यात्रियों और लोगों में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
घटना की जानकारी मिलते ही प्लेटफार्म पर रूटीन गश्त कर रहे जीआरपी चौकी प्रभारी जयदान सिंह अपने साथी जवानों के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने तत्काल स्थिति को नियंत्रित करते हुए दोनों पक्षों के लोगों को हिरासत में ले लिया। घायल वेंडर को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां उसका उपचार कराया गया।
जीआरपी ने मामले में शामिल पांच लोगों को शांति भंग की आशंका में पाबंद करते हुए उनका चालान कर न्यायालय भेज दिया। इस संबंध में चौकी प्रभारी जयदान सिंह ने दूरभाष पर बताया कि मारपीट में शामिल वेंडर ट्रेन के रसोई यान (पैंट्रीकार) के लाइसेंसी वेंडर हैं। किसी बात को लेकर प्लेटफार्म पर यात्रियों और वेंडरों के बीच विवाद हो गया था। उन्होंने यह भी बताया कि प्रारंभिक तौर पर यह भी संभावना जताई जा रही है कि यात्री नशे की हालत में रहे होंगे।
वहीं घटना को लेकर यात्रियों और प्लेटफार्म पर मौजूद लोगों के बीच यह भी चर्चा रही कि शाहगंज रेलवे स्टेशन पर लंबे समय से अवैध वेंडरों का बोलबाला रहता है। लोगों का कहना है कि अवैध वेंडरों की सक्रियता के कारण यात्रियों के साथ आए दिन विवाद और अन्य घटनाएं सामने आती रहती हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार कुछ वर्ष पहले भी प्लेटफार्म पर अवैध और दबंग किस्म के वेंडरों ने एक आरपीएफ दारोगा पर धारदार हथियार से हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया था। उस घटना के बाद कुछ समय के लिए अवैध वेंडरों की गतिविधियां कम हो गई थीं, लेकिन धीरे-धीरे फिर से उनकी सक्रियता बढ़ने लगी है।
यात्रियों और स्थानीय लोगों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि स्टेशन परिसर और ट्रेनों में अवैध वेंडरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।