आमिर, देवल ब्यूरो ,जौनपुर। कलेक्ट्रेट सभागार में गुरुवार को जिलाधिकारी ने जिले के पेट्रोल पंप संचालकों, गैस एजेंसी संचालकों तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक कर ईंधन आपूर्ति और पारदर्शिता को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दिए। बैठक में कुल 263 पेट्रोल पंप संचालक, 92 गैस एजेंसी संचालक, आयल कंपनियों के जनपदीय बिक्री अधिकारी, सीएनजी से जुड़े अधिकारी, खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारी तथा पूर्ति निरीक्षक मौजूद रहे।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी स्थिति में डीजल, पेट्रोल और घरेलू गैस सिलेंडरों में घटतौली, मुनाफाखोरी या अवैध भंडारण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी भी स्तर पर अनियमितता पाई गई तो संबंधित संचालक के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों और संचालकों से कहा कि आम जनता को ईंधन और गैस की आपूर्ति में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। सभी पेट्रोल पंपों पर सही माप-तौल के साथ ईंधन उपलब्ध कराया जाए और ग्राहकों के साथ किसी भी तरह की अनियमितता न हो।
उन्होंने बताया कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और जिले में ईंधन की आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। जनपद में संचालित 263 पेट्रोल-डीजल पंपों पर पर्याप्त मात्रा में ईंधन उपलब्ध है, जिससे किसी प्रकार की कमी की स्थिति नहीं है।
इसके अलावा 92 गैस एजेंसियों के माध्यम से घरेलू गैस सिलेंडरों की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। जिलाधिकारी ने कहा कि उपभोक्ताओं द्वारा की गई बुकिंग के अनुसार तय समय में होम डिलीवरी के माध्यम से गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
बैठक में जिलाधिकारी ने खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि समय-समय पर पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों का निरीक्षण किया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी सामने आने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। उन्होंने कहा कि आम जनता को राहत और पारदर्शी व्यवस्था उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।
अंत में जिलाधिकारी ने सभी संचालकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि नियमों का पूरी तरह पालन करें और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं प्रदान करें, ताकि जिले में ईंधन और गैस की आपूर्ति व्यवस्था सुचारू बनी रहे।