देवल, ब्यूरो चीफ,सोनभद्र। उत्तर प्रदेश विधान परिषद की प्रदेशीय विद्युत व्यवस्था संबंधी जांच समिति की बैठक रविवार को कलेक्ट्रेट सभागार में समिति के सभापति अंगद कुमार सिंह की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में जनपद की विद्युत व्यवस्था की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान ट्रांसफार्मरों की मरम्मत, जनपद में औसत विद्युत आपूर्ति, उपभोक्ता लोड के अनुरूप ट्रांसफार्मरों की स्थिति, मीटर रीडिंग, 1912 पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण, प्राथमिक विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों के विद्युतीकरण तथा बकाया बिलों के भुगतान से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। समिति के सभापति ने निर्देश दिया कि विद्युत उपभोक्ताओं से संबंधित शिकायतों का समयबद्ध और प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए। किसानों की आजीविका और कृषि कार्यों को सुचारु रूप से चलाने के लिए निर्धारित समय पर विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों द्वारा प्राप्त प्रस्तावों पर प्राथमिकता से कार्रवाई की जाए तथा ट्रांसफार्मरों की मरम्मत निर्धारित समय सीमा में की जाए। सभापति ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा विकसित भारत की जो परिकल्पना की गई है, उसे साकार करने के लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना होगा। निर्देश दिया कि विजिलेंस टीम द्वारा बिजली चोरी के विरुद्ध छापेमारी विशेष रूप से लाइन लॉस वाले क्षेत्रों में की जाए तथा जांच पूरी पारदर्शिता के साथ हो। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि विद्युत उपभोक्ताओं को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए। बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि बेसिक शिक्षा विभाग के जिन विद्यालयों में अब तक विद्युत कनेक्शन नहीं है, वहां प्राथमिकता के आधार पर कनेक्शन दिए जाएं। साथ ही जिन प्राथमिक विद्यालयों के ऊपर से हाईटेंशन विद्युत लाइनें गुजर रही हैं, उन्हें हटाने की कार्रवाई की जाए। जल जीवन मिशन योजना के तहत जिन ग्राम पंचायतों में पेयजल आपूर्ति शुरू हो चुकी है, उनकी सूची भी उपलब्ध कराने को कहा गया। जिलाधिकारी बी.एन. सिंह ने बैठक में आश्वस्त किया कि समिति द्वारा दिए गए सभी निर्देशों का पालन निर्धारित समय सीमा में कराया जाएगा।
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