आमिर, देवल ब्यूरो ,जौनपुर। हज़रत इमाम अली अलैहिस्सलाम की शहादत की याद में नगर के बेगमगंज स्थित सदर इमामबारगाह में अकीदतमंदों द्वारा मजलिस व जुलूस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अंजुमन शमशीरे हैदरी के नेतृत्व में मातमी जुलूस निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने शिरकत कर मौला अली की याद में मातम और नौहाख्वानी की।
मजलिस को खिताब करते हुए मौलाना मोहसिन आगा ने कहा कि मौला अली अलैहिस्सलाम पूरी इंसानियत के लिए अमन, इंसाफ और बराबरी के अलमबरदार थे। उन्होंने कहा कि मौला अली की जिंदगी हमें सच्चाई, न्याय और कमजोरों की मदद करने का पैगाम देती है। उन्होंने उपस्थित लोगों से अपील की कि वे मौला अली की शिक्षाओं को अपनी जिंदगी में उतारें और समाज में भाईचारा व इंसाफ कायम करने की कोशिश करें।
मजलिस के अंत में मौलाना अम्बर अब्बास खान ने तकरीर में मौला अली के मसाएब का बयान किया। उनके दर्द भरे बयान को सुनकर मजलिस में मौजूद अकीदतमंद गमगीन हो गए और लोग दहाड़े मारकर रोने लगे। पूरे इमामबारगाह में “या अली” और “हैदर मौला” की सदाएं गूंजती रहीं।
मजलिस के बाद जुलूस बरामद हुआ जिसमें अलम और शबीहे ताबूत मौला अली निकाले गए। जुलूस के साथ अंजुमन शमशीरे हैदरी के ने नौहाख्वानी और मातम किया। अकीदतमंद सीना ज़नी करते हुए मौला अली की शहादत का गम मनाते रहे। जुलूस के दौरान पूरे क्षेत्र का माहौल गमगीन रहा ।
इस मौके पर नौशाद हुसैन, संजय, अली मंज़र, चुनमुन भाई, बबलू, रिज़वान, दिलदार हुसैन, नाज़िम हुसैन, मुमताज़, मोहर्रम अली, महफूज़ सहित बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे। जुलूस का संचालन फैजी जौनपुरी ने किया ।