आमिर, देवल ब्यूरो ,जौनपुर। जिला प्रशासन की ओर से ऐतिहासिक शाही किला जौनपुर में आयोजित तीन दिवसीय जौनपुर महोत्सव के दूसरे दिन बेसिक शिक्षा विभाग की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने पूरे माहौल को उत्साह और ऊर्जा से भर दिया। परिषदीय विद्यालयों के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने गीत, नाटक, एकांकी, लोकगीत और आकर्षक नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। बच्चों की मासूम अदाएं, आत्मविश्वास और मंच पर बेहतरीन अभिव्यक्ति को देखकर दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ करंजाकला ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि सुनील कुमार यादव उर्फ मम्मन जी द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे मंच ग्रामीण अंचलों की प्रतिभाओं को सामने लाने और उन्हें निखारने का प्रभावी माध्यम साबित हो रहे हैं। उन्होंने बच्चों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए शिक्षकों के प्रयासों को भी सराहनीय बताया।
निपुण विद्यालयों को मिला सम्मान
इस अवसर पर जनपद के उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले निपुण विद्यालयों को जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी के हस्ताक्षरयुक्त “निपुण विद्यालय पुरस्कार” देकर सम्मानित किया गया। पुरस्कार मिलने पर विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाओं और विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला तथा उन्होंने इसे अपने प्रयासों की सार्थकता बताया।
टीएलएम प्रदर्शनी ने खींचा सबका ध्यान
महोत्सव के दौरान शिक्षकों द्वारा कक्षा-कक्ष में उपयोग किए जाने वाले टीएलएम (Teaching Learning Material) की आकर्षक प्रदर्शनी भी लगाई गई। प्रदर्शनी में शिक्षण को सरल, रोचक और प्रभावी बनाने के लिए तैयार किए गए विभिन्न नवाचारों को प्रदर्शित किया गया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। मुख्य अतिथि ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर शिक्षकों के नवाचारों की सराहना की और उन्हें भविष्य में भी इसी समर्पण के साथ कार्य करते रहने के लिए प्रेरित किया।
रंगारंग प्रस्तुतियों से सजा मंच
कार्यक्रम में परिषदीय विद्यालयों के साथ-साथ कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय करंजाकला, धर्मापुर एवं डोभी के छात्र-छात्राओं ने भी शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर आयोजन में चार चांद लगा दिए। लोक संस्कृति से ओत-प्रोत प्रस्तुतियों ने दर्शकों को देर तक बांधे रखा।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. गोरखनाथ पटेल ने सभी शिक्षकों, शिक्षिकाओं, बच्चों, एसआरजी एवं एआरपी को बधाई देते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में इस प्रकार की सह-शैक्षिक गतिविधियां बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने आगे भी इसी तरह सहयोग और समर्पण बनाए रखने की अपेक्षा जताई।
इस दौरान जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, जिला दिव्यांग अधिकारी सहित बेसिक शिक्षा विभाग के पटल सहायक, जिला समन्वयक, शिक्षक-शिक्षिकाएं, शिक्षामित्र एवं अनुदेशक बड़ी संख्या में मौजूद रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन शिक्षक शैलेश कुमार चतुर्वेदी एवं शिक्षिका नूपुर श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से किया।
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