आमिर, देवल ब्यूरो ,जौनपुर। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की ओर से चहारसू स्थित शिविर कार्यालय पर आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में ‘टीईटी (TET) अनिवार्यता’ के विरोध में बड़े आंदोलन का ऐलान किया गया। बैठक में निर्णय लिया गया कि उत्तर प्रदेशीय अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ के बैनर तले आगामी 13 अप्रैल 2026 को जनपद स्तर पर एक विशाल मशाल जुलूस निकाला जाएगा।
बीआरपी इंटर कॉलेज से शहीद स्थल तक निकलेगा जुलूस
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मशाल जुलूस बी.आर.पी. इंटर कॉलेज परिसर से प्रारंभ होकर विकास भवन स्थित शहीद स्थल तक जाएगा। इस जुलूस में जिले के विभिन्न विकास खंडों से बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाओं के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। संगठन पदाधिकारियों ने इसे शिक्षकों के अधिकारों और समस्याओं को लेकर एक निर्णायक आंदोलन बताया।
आठ जोनों में बांटकर सौंपी गई जिम्मेदारियां
आंदोलन को सफल बनाने के लिए पूरे जनपद को आठ जोनों में विभाजित करते हुए अलग-अलग पदाधिकारियों को समन्वय की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रत्येक जोन प्रभारी को अपने-अपने क्षेत्र से अधिकतम शिक्षकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आंदोलन को व्यापक स्वरूप दिया जा सके।
संगठन विस्तार और जागरूकता अभियान की रणनीति
बैठक में संगठन को और मजबूत बनाने पर भी जोर दिया गया। इसके तहत तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर नए पदाधिकारियों के चयन की प्रक्रिया जल्द पूरी करने तथा इसकी सूचना प्रदेश नेतृत्व को देने का निर्णय लिया गया। साथ ही जनपदीय टीम द्वारा विकास खंडों का दौरा कर शिक्षकों को आंदोलन के प्रति जागरूक करने और उन्हें मुख्यालय तक लाने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की रणनीति भी बनाई गई।
पदाधिकारियों ने किया व्यापक भागीदारी का आह्वान
बैठक में प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. राजेश सिंह मुन्ना सहित कई प्रमुख पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने एकजुट होकर आंदोलन को सफल बनाने तथा शिक्षकों की आवाज को मजबूत तरीके से उठाने का संकल्प व्यक्त किया।
