देवल, ब्यूरो चीफ,शक्तिनगर, सोनभद्र। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ एनटीपीसी परिसर शक्तिनगर की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई प्रथम एवं तृतीय द्वारा आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर के पांचवें दिन रविवार को साइबर जागरूकता विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में स्वयंसेवकों को साइबर सुरक्षा और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई।
संगोष्ठी के मुख्य वक्ता आईटी सेल एनटीपीसी शक्तिनगर के उमाशंकर द्विवेदी ने साइबर अपराध से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बढ़ते साइबर अपराधों पर नियंत्रण के लिए लोगों में जागरूकता बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि यदि साइबर उपयोगकर्ता सतर्क और जागरूक रहें तो ऑनलाइन ठगी और अन्य प्रकार की धोखाधड़ी से आसानी से बचा जा सकता है। उन्होंने स्वयंसेवकों से अपील की कि वे इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से अपने आसपास के लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करें। कार्यक्रम अधिकारी डॉ. छोटे लाल प्रसाद ने साइबर अपराध को एक प्रकार की सामाजिक महामारी बताते हुए कहा कि आज यह हमारे दैनिक जीवन में विभिन्न रूपों में सामने आ रहा है। इसलिए इससे बचाव के लिए जागरूकता अभियान चलाना समय की आवश्यकता है। वहीं कार्यक्रम अधिकारी डॉ. विनोद कुमार पांडेय ने शिविर में शामिल लगभग 100 स्वयंसेवकों को साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 की जानकारी दी और साइबर स्वच्छता केंद्र के बारे में अवगत कराया। उन्होंने स्वयंसेवकों को डिजिटल माध्यमों का सुरक्षित उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। शिविर के द्वितीय सत्र में स्वयंसेवकों ने दहेज प्रथा के खिलाफ जनजागरूकता के उद्देश्य से नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। नाटक के माध्यम से बालिका सशक्तिकरण और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ संदेश दिया गया। इस प्रस्तुति में निशा, सोनम, प्रीति, खुशी, दिव्या, पल्लवी, मार्था, प्रिया, चांदनी, पूजा, आशुतोष सिंह, अंतिमा और साहिल सहित अन्य स्वयंसेवकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
.jpeg)