आमिर, देवल ब्यूरो ,जलालपुर,जौनपुर। जिले के जलालपुर क्षेत्र के एक छात्र को डाक विभाग की कथित लापरवाही भारी पड़ गई। स्पीड पोस्ट से भेजा गया बीएससी तृतीय वर्ष का एडमिट कार्ड समय पर न मिलने के कारण छात्र निर्धारित तिथि पर परीक्षा देने से वंचित रह गया। हैरानी की बात यह है कि ऑनलाइन ट्रैकिंग में डाक समय पर डिलीवर दिखाया गया, जबकि वास्तविकता में पत्र लगभग एक माह बाद छात्र को प्राप्त हुआ।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम पोस्ट नेवादा, जलालपुर निवासी यस कुमार सिंह (पुत्र भूपेंद्र कुमार सिंह) का बीएससी तृतीय वर्ष का एडमिट कार्ड स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेजा गया था। ऑनलाइन ट्रैकिंग विवरण में संबंधित स्पीड पोस्ट आर्टिकल 10 जनवरी 2026 को डिलीवर दर्शाया गया। जबकि छात्र के अनुसार, उक्त डाक 22 फरवरी 2026 को स्थानीय पोस्टमैन द्वारा उसे सौंपी गई।
गौरतलब है कि बीएससी तृतीय वर्ष की परीक्षा 19 जनवरी 2026 को लखनऊ में आयोजित थी। एडमिट कार्ड समय पर न मिलने के कारण यस कुमार सिंह परीक्षा में सम्मिलित नहीं हो सके। इससे न केवल उनका एक शैक्षणिक वर्ष प्रभावित हुआ, बल्कि मानसिक तनाव और भविष्य की अनिश्चितता भी उनके सामने खड़ी हो गई।
पीड़ित छात्र ने मामले की शिकायत भारतीय डाक विभाग में दर्ज कराई थी। शिकायत संख्या 2683575650 बताई गई है। छात्र का आरोप है कि विभाग द्वारा बिना संतोषजनक कारण बताए शिकायत को बंद कर दिया गया, जिससे उसे न्याय की उम्मीद पर भी निराशा हाथ लगी।
छात्र और उसके परिजनों ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि जब ऑनलाइन ट्रैकिंग में डिलीवरी 10 जनवरी को दर्शाई गई, तो वास्तविक डाक 22 फरवरी को कैसे पहुंची। साथ ही उन्होंने संबंधित जिम्मेदार कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी अन्य छात्र को ऐसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
इस घटना ने सरकारी सेवाओं की जवाबदेही और पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शिक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों की डिलीवरी में इस प्रकार की लापरवाही गंभीर परिणाम ला सकती है। अब देखना होगा कि विभाग इस मामले में क्या कदम उठाता है और पीड़ित छात्र को किस प्रकार राहत प्रदान की जाती है।