देवल संवादाता,वाराणसी। वारदात को अंजाम देकर छोटे अपराधी या माफिया बहुत दिन तक पुलिस की गिरफ्त से बच नहीं सकते हैं। यक्ष एप से पुलिस उसे ढूंढ निकालेगी। वाराणसी रेंज में यक्ष एप पर 24397 अपराधियों का सत्यापन किया गया है। चंदौली, जौनपुर और गाजीपुर के 3410 हिस्ट्रीशीटर और 419 गिरोह के 1855 बदमाशों की कुंडली यक्ष एप में दर्ज हो चुकी है।
खास बात कि जौनपुर और चंदौली से ज्यादा अपराधी गाजीपुर में हैं। गाजीपुर में 10469 अपराधी चिह्नित हैं। डीआईजी रेंज वैभव कृष्ण ने बताया कि बीट सत्यापन के तहत चंदौली में 7403 अपराधी, 647 हिस्ट्रीशीटर और 102 गिरोह के 416 सदस्य हैं। जौनपुर में 6524 अपराधी, 1568 हिस्ट्रीशीटर और 152 गिरोह के 663 सदस्य सत्यापित हैं। गाजीपुर में 10469 अपराधी, 1195 हिस्ट्रीशीटर और 165 गिरोह के 776 सदस्य पंजीकृत किए गए हैं। वाराणसी परिक्षेत्र के डीआईजी वैभव कृष्ण ने बताया कि एप की मदद से अपराधियों को सिर्फ तस्वीरों से ही नहीं बल्कि उनकी आवाज, खांसने, छींकने जैसी शारीरिक हरकतों से भी पहचाना जा सकता है। अपराधियों के चेहरे, रेटिना, आवाज, खांसने, छींकने के सैंपल रिकॉर्ड किए जा रहे हैं।
अपराधी किसी को धमकी देता है या फिर ऑडियो, वीडियो कहीं से आती है तो उसकी तुरंत पहचान हो जाएगी। बीट सिपाहियों, दरोगा, इंस्पेक्टर के बदलने पर भी नये पुलिसकर्मी को अपराधियों की डिटेल के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा।
बीट पुलिसिंग और पुलिस की कार्यप्रणाली को मजबूत करने के लिए यक्ष एप लांच किया गया है। एआई आधारित यक्ष एप से अपराधियों की पहचान और उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।