देवल, ब्यूरो चीफ,सोनभद्र। प्रशासनिक अधिकारियों के नांक के नीचे सोन, कनहर व रेणु नदी में बालू निकासी के लिए लगाई गई प्रतिबंधित मशीनों पर तत्काल रोक लगाने सहित विभिन्न मांगों को लेकर गुरूवार को संयुक्त वाम दल के कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकाल कर कलेक्ट्रेट परिसर में विरोध प्रदर्शन किया।
वक्ताओं ने मांग की कि दमनकारी 4 श्रम संहिताओं को निरस्त कर पूराने श्रम कानूनों को बहाल किया जाए। सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण पर तत्काल रोक लगाई जाए। बिजली संसोधन विधेयक 2025 वापस लिया जाए। किसानों, खेतीहरों और गरीबों को 300 यूनिट बिजली मुफ्त दिया जाए। ग्रामीणों व खेत मजदूरों के हित में वीबी जी रामजी योजना को निरस्त कर पूराने मनरेगा योजना को बहाल किया जाए। मनरेगा मजदूरों को 200 दिन के काम की गारंटी और उन्हें प्रतिदिन की रुपए 600 की न्यूनतम मजदूरी दिया जाए। किसानों के लिए एमएसपी की कानूनी गारंटी सुनिश्चित की जाए। मजदूरों, किसानों और आम जनता के जीवन और जीविका पर हमला बंद किया जाए। देश में बढ़ती मंहगाई पर रोक लगाने के लिए ठोस कदम उठाया जाए। पुरानी पेंशन स्कीम को बहाल किया जाए। सभी स्कीम वर्करों व असंगठित मजदूरों को न्यूनतम वेतन 26 हजार दिया जाए। बैंक, बीमा, शिक्षा, स्वास्थ्य विभाग सहित केंद्र और राज्यों के सरकारी विभागों में खाली पड़े लाखों पदों पर भर्ती की प्रक्रिया को तत्काल प्रारंभकराया जाए। ठेका प्रथा को बंद किया जाए। किसानों एवं खेत मजदूरों को 55 वर्ष आयु पूर्ण करने पर पेंशन दिया जाए। जनपद सोनभद्र में कनेक्टिविटी और विकास की गति को तेज करने के लिए यहां विभिन्न क्षेत्रों को जोड़ने वाली
सभी सड़कों को दुरुस्त कराया जाए। मौके पर आरके शर्मा, नंदलाल आर्य, सुरेश कोल आदि मौजूद रहे।
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