आमिर, देवल ब्यूरो ,जौनपुर में 17 फरवरी 2026 को जिला जज की आधिकारिक ईमेल आईडी पर आए धमकी भरे संदेश ने प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया था। ईमेल में दीवानी न्यायालय परिसर और पुलिस लाइन गेट-1 को दोपहर 1 से 2 बजे के बीच बम से उड़ाने की चेतावनी दी गई थी। साथ ही योगी आदित्यनाथ से पांच मोबाइल नंबरों पर एक-एक लाख रुपये (कुल 5 लाख रुपये) भेजने की मांग की गई थी।
परिसर खाली, बम निरोधक दस्ता तैनात
धमकी मिलते ही न्यायालय परिसर को तत्काल खाली करा लिया गया। पुलिस और प्रशासन की टीमों ने मोर्चा संभाला तथा बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड को बुलाकर सघन तलाशी अभियान चलाया गया। कई घंटों तक चली जांच में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली, लेकिन सुरक्षा के मद्देनजर पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया।
एटीएस जांच में चौंकाने वाला खुलासा
मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश एटीएस को सौंपी गई। तकनीकी जांच और साइबर ट्रैकिंग के बाद एटीएस ने चौंकाने वाला खुलासा किया कि यह कोई आतंकी साजिश नहीं, बल्कि प्रेम प्रसंग में जलन और बदले की भावना से रची गई साजिश थी।
मुख्य आरोपी की पहचान विशाल रंजन (पुत्र हीरा लाल, निवासी बक्शपुर, थाना निजामाबाद, जनपद आजमगढ़) के रूप में हुई। एटीएस ने 22 फरवरी 2026 को उसे आजमगढ़ से गिरफ्तार कर लिया।
प्रेमिका की शादी से उपजी साजिश
जांच में सामने आया कि विशाल की पूर्व प्रेमिका की शादी जौनपुर के एक युवक से तय हो गई थी। इससे आक्रोशित होकर उसने मंगेतर के नाम से फर्जी सोशल मीडिया आईडी बनाकर आपत्तिजनक पोस्ट डालीं। विवाद बढ़ने पर गांव में पंचायत हुई, जहां विशाल को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी पड़ी। इसी अपमान का बदला लेने के लिए उसने मंगेतर और पंचायत में शामिल लोगों को झूठे मामले में फंसाने की साजिश रची।
हाईटेक तरीके से भेजे धमकी भरे ईमेल
विशाल ने पेड वीपीएन और प्रॉक्सी सर्वर का इस्तेमाल कर अपनी लोकेशन छिपाई। उसने प्रोटॉन मेल के जरिए फर्जी ईमेल आईडी बनाईं और कुल पांच धमकी भरे ईमेल भेजे। उसका मकसद था कि बम धमकी के मामले में लड़की के मंगेतर और पंचायत से जुड़े लोगों को फंसा दिया जाए, जिससे शादी रुक जाए।
जांच के दौरान उसके मोबाइल फोन से करीब 50 फर्जी सोशल मीडिया और ईमेल आईडी बरामद हुईं। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
प्रशासन की अपील
इस पूरे घटनाक्रम ने यह साबित कर दिया कि निजी रंजिश या प्रेम प्रसंग के विवाद में उठाया गया एक गैरजिम्मेदाराना कदम पूरे जिले की शांति और सुरक्षा को खतरे में डाल सकता है। पुलिस और प्रशासन ने युवाओं से अपील की है कि आपसी झगड़ों या रिश्तों के विवाद को कानून हाथ में लेकर या देश की सुरक्षा को दांव पर लगाकर न सुलझाएं, बल्कि वैधानिक और सामाजिक माध्यमों से समाधान निकालें।