आमिर, देवल ब्यूरो ,बरसठी_जौनपुर जनपद के बरसठी थाना क्षेत्र के जमुनीपुर गांव में 25 वर्षीय शुभम शुक्ला की चाकू मारकर की गई निर्मम हत्या के मामले में पुलिस ने 24 घंटे के भीतर बड़ा खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों को रसुलहा भीटा के पास से दबिश देकर पकड़ा तथा घटना में प्रयुक्त चाकू भी बरामद कर लिया। सभी आरोपियों का चालान कर न्यायालय भेज दिया गया है।
क्रिकेट खेलने के विवाद से बढ़ा मामला
पुलिस के अनुसार शनिवार को जमुनीपुर निवासी शुभम शुक्ला और मंगरमू गांव निवासी विकास यादव के बीच क्रिकेट खेलने को लेकर कहासुनी और विवाद हुआ था। यह विवाद इतना बढ़ गया कि विकास ने अपने साथियों के साथ मिलकर बदला लेने की योजना बना डाली।
रविवार को विकास यादव अपने साथी सौरभ उर्फ चन्दर यादव (बाल अपचारी) निवासी मंगरमू, सुमित उर्फ छोटू, सचिन पटेल निवासी रसुलहा और अनुज पटेल निवासी पुरईपुर को साथ लेकर गांव के बगीचे में पहुंचा। विकास ने शुभम को किसी बहाने से बगीचे में बुलाया, जहां पहले से मौजूद आरोपियों ने मिलकर उस पर चाकू से हमला कर दिया।
घायल अवस्था में सड़क किनारे गिरा
चाकू लगते ही शुभम जमीन पर गिर पड़ा। आरोपी उसे लहूलुहान हालत में छोड़कर मौके से फरार हो गए। गंभीर रूप से घायल शुभम किसी तरह थोड़ी दूरी तक चला, लेकिन सड़क किनारे गिर पड़ा। उसी दौरान उधर से गुजर रहे गांव के एक व्यक्ति ने उसे खून से लथपथ हालत में देखा और तत्काल परिजनों को सूचना दी।
परिजन मौके पर पहुंचे और पुलिस को जानकारी देते हुए शुभम को अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पिता की तहरीर पर दर्ज हुआ मुकदमा
मृतक के पिता राजेश शुक्ला की तहरीर पर पुलिस ने पांच नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया। थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए रात में ही संभावित ठिकानों पर दबिश दी और सभी पांच आरोपियों—विकास यादव, सौरभ यादव (बाल अपचारी), अनुज पटेल, सचिन पटेल तथा सुमित उर्फ छोटू—को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त चाकू भी बरामद कर लिया है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।
पुलिस टीम को मिली सफलता
गिरफ्तारी अभियान में प्रभारी निरीक्षक जयप्रकाश यादव, उपनिरीक्षक अमरीश सिंह, अजय तिवारी, अनिल यादव, शैलेन्द्र कुमार सिंह, हेड कांस्टेबल पवित्र भूषण तिवारी, राजेन्द्र पटेल, अखिलेश यादव, यजुवेंद्र यादव, उमाशंकर सिंह और ओमप्रकाश यादव की टीम शामिल रही।
घटना के बाद गांव में शोक और तनाव का माहौल है, जबकि पुलिस ने क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्कता बढ़ा दी है।