डीआई की कार्रवाई से नशीली दवाओं के अवैध कारोबार में मचा हड़कंप
आमिर, देवल ब्यूरो ,जौनपुर। जिले में नशीली दवाओं के रिकॉर्ड में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का खुलासा होने के बाद जिला औषधि निरीक्षक (डीआई) रजत कुमार पांडेय ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए बरसठी रोड स्थित रामपुर कस्बे की नामचीन गुप्ता मेडिकल एजेंसी को सील कर दिया। निरीक्षण के दौरान तीन संदिग्ध और अधोमानक दवाओं के नमूने लेकर उन्हें जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला लखनऊ भेजा गया है।
बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई जनपद भदोही के औषधि निरीक्षक से प्राप्त एक गोपनीय पत्र के आधार पर की गई। जौनपुर के साथ ही बलिया जनपद में भी जिला औषधि निरीक्षक का कार्य देख रहे रजत कुमार पांडेय की इस सख्त कार्रवाई से पूरे जिले में दवा कारोबारियों, खासकर नशीली दवाओं के अवैध कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है।
औषधि निरीक्षक की टीम ने गुप्ता मेडिकल एजेंसी पर औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान फर्म में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं और दवाओं के क्रय-विक्रय से संबंधित रिकॉर्ड में बड़ी हेराफेरी पाई गई। अधिकारियों ने जब फर्म संचालक से दवाओं के दस्तावेज और हिसाब-किताब के संबंध में विस्तृत जानकारी मांगी तो वह कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके।
इस संबंध में जिला औषधि निरीक्षक रजत कुमार पांडेय ने बताया कि निरीक्षण के दौरान फर्म संचालक एनआरएक्स श्रेणी की दवा ‘प्यूरोक्सोविन स्पास कैप्सूल’ की खरीद और बिक्री से संबंधित कोई भी वैध रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं कर सका। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए तत्काल प्रभाव से दुकान को सील कर दिया गया।
उन्होंने बताया कि नशीली दवाओं के संदिग्ध अवैध कारोबार की आशंका और दस्तावेजों की भारी कमी को देखते हुए औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 की धारा 22(1)(d) के तहत कार्रवाई की गई। निरीक्षण के दौरान तीन संदिग्ध दवाओं के नमूने भी लिए गए, जिन्हें उनकी गुणवत्ता और संरचना की जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला, लखनऊ भेजा गया है।
डीआई ने स्पष्ट किया कि लैब से रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद फर्म के खिलाफ आगे की कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद जिले में दवा व्यवसाय से जुड़े लोगों में खलबली मची हुई है और प्रशासन की सख्ती को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।