देवल, ब्यूरो चीफ,सोनभद्र। प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी गुरुवार को बौद्ध विरासत की ऐतिहासिक धरती मऊकला में बुद्ध महोत्सव मनाया गया। इस आयोजन की शुरुआत अतिथियों ने ध्वजारोहण के बाद राष्ट्रगान गाकर किया। महोत्सव में मुख्य अतिथि परम पूज्य भंते बुद्ध ज्योति जी ने कहा कि भगवान बुद्ध एवं सम्राट
अशोक के महान आदर्शों पर स्थापित गौरवशाली, समृद्धिशाली, शक्तिशाली, वैभवशाली भारत जिसमें न कोई शोषक था और न कोई शोषित। सभी मनुष्य थे, जिनमें मानवीय हृदय और मानवीय संवेदनशीलता थी। समता, स्वतंत्रता, न्याय, बंधुत्व का बोलबाला था। विशिष्ठ अतिथि बबलू बिंद ने कहा कि प्रियदर्शी सम्राट अशोक के माध्यम से भगवान बुद्ध का विचार पूरी दुनिया में पहुंचा, तब भारत को विश्व गुरु के रुप में जाना गया। मुख्य संरक्षक अविनाश कुशवाहा ने कहा कि सम्राट अशोक ने कहा था कि समस्त प्रजा मेरी संतान है। ऐसे ही भारतवर्ष की परिकल्पना बाबा साहब डा बीआर अम्बेडकर द्वारा रचित भारतीय संविधान के द्वारा राष्ट्र के मनीषियों नें किया है। मौके पर डा विरेन्द्र सिंह, कृपाशंकर चौहान, रामनरेश पोया, नामवर कुशवाहा, सुबेदार कुशवाहा, श्रीनाथ धांगर, अनिल मौर्य, बुद्धिनाथ मौर्य, संजय कुशवाहा, रामसिंह यादव, राधारमण सिंह मौजूद रहे। संचालन रवि मौर्या दने किया।
.jpeg)