देवल संवाददाता, आज़मगढ़। विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर 4 फ़रवरी 2026 को महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय (एमएसडीयू), आज़मगढ़ के प्राणीशास्त्र विभाग द्वारा कैंसर के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक विशेष व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के सेमिनार हॉल, सुविधा केंद्र में संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में संकाय सदस्य एवं स्नातकोत्तर छात्र-छात्राओं, विशेषकर छात्राओं ने सहभागिता की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.संजीव कुमार ने कहा कि “कैंसर आज एक गंभीर वैश्विक स्वास्थ्य चुनौती बन चुका है, लेकिन सही जानकारी, समय पर जांच और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर इससे होने वाली मृत्यु दर को काफी हद तक कम किया जा सकता है। युवाओं को तंबाकू और नशीले पदार्थों से दूर रहकर नियमित व्यायाम एवं संतुलित आहार को अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए।” उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों की आवश्यकता पर भी बल दिया।
मुख्य वक्ता के रूप में डॉ.श्वेता राय, सलाहकार स्त्री रोग विशेषज्ञ, जिला महिला अस्पताल, आज़मगढ़ ने महिलाओं में होने वाले कैंसर, विशेषकर सर्वाइकल और स्तन कैंसर के प्रारंभिक लक्षणों एवं नियमित स्क्रीनिंग के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि समय पर जांच से कैंसर का उपचार अधिक प्रभावी एवं सरल हो जाता है।वहीं डॉ. अर्चना सिंह, प्रोफेसर, डेंटल कॉलेज, आज़मगढ़ ने मुख कैंसर के बढ़ते मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए इसके प्रमुख कारणों, जैसे तंबाकू, गुटखा एवं धूम्रपान से होने वाले दुष्प्रभावों की जानकारी दी और इससे बचाव के उपाय बताए।
कार्यक्रम में डॉ.आसिफ सुलेमान, सकाय सदस्य, प्राणीशास्त्र विभाग ने कैंसर की जैविक पृष्ठभूमि पर विस्तार से चर्चा करते हुए बताया कि कोशिकाओं की असामान्य वृद्धि कैसे कैंसर का रूप लेती है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक जागरूकता और सही सूचना समाज में कैंसर के प्रति भय को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
व्याख्यान के दौरान वक्ताओं ने तंबाकू और शराब से दूरी, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, समय-समय पर चिकित्सकीय जांच तथा कैंसर रोगियों के प्रति संवेदनशीलता और सामाजिक समर्थन जैसे विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की। प्रश्नोत्तर सत्र में छात्रों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ.दिव्या द्वारा कुशलतापूर्वक किया गया, जबकि अंत में डॉ.रोहित पांडे ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए अतिथियों, वक्ताओं एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।कार्यक्रम को उपस्थित प्रतिभागियों ने अत्यंत ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक बताया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने भविष्य में भी इस प्रकार के स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता दोहराई।