देवल संवाददाता,आजमगढ़। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में दिनांक 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जन्मदिवस के अवसर पर आयोजित होने वाली ब्लैकआउट मॉक ड्रिल की तैयारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि यह मॉक ड्रिल हवाई हमले और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान जनहानि को न्यूनतम करने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी हवाई हमले की सूचना मिलने पर रात के समय घरों की समस्त विद्युत बंद कर अंधेरा करना आवश्यक होगा। पुलिस, स्वास्थ्य, पशुपालन, विद्युत, परिवहन, शिक्षा और सूचना विभागों को अपनी-अपनी जिम्मेदारियों के अनुसार समन्वय स्थापित करना होगा।
जिलाधिकारी ने पुलिस विभाग को निर्देश दिए कि मॉक ड्रिल के दौरान सुरक्षा और शांति बनाए रखने हेतु पर्याप्त संख्या में पुलिस बल, संचार उपकरण, रूट डायवर्जन और भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था करें। स्वास्थ्य विभाग को प्राथमिक चिकित्सा प्रशिक्षण, एम्बुलेंस, डॉक्टर, नर्स और दवाओं के साथ राहत एवं बचाव कार्यों का प्रदर्शन सुनिश्चित करना होगा। पशुपालन विभाग द्वारा पशुओं की देखभाल, टीकाकरण, चारा और पानी की व्यवस्था की जाएगी।
नगर पालिका/पंचायती राज विभाग को पानी, मोबाइल टॉयलेट, साफ-सफाई और पोस्टर के माध्यम से जन-जागरूकता फैलाने के निर्देश दिए गए। विद्युत विभाग निर्धारित स्थल पर सायरन बजाते हुए विद्युत आपूर्ति बाधित करने और मॉक ड्रिल समाप्त होने पर पुनः चालू करने की व्यवस्था करेगा। फायर विभाग द्वारा आग बुझाने का प्रशिक्षण और प्रदर्शन सुनिश्चित किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने नागरिकों को भी निर्देश दिए कि ब्लैकआउट के दौरान अफवाहों से बचें, सुरक्षित स्थान पर शरण लें, अपने परिवार और बच्चों को जागरूक करें, जरूरी वस्तुएं तैयार रखें और सरकारी निर्देशों का पालन करें। हवाई हमले का रेड सिग्नल 2 मिनट तक सायरन के माध्यम से दिया जाएगा और खतरा टलने पर 2 मिनट तक निरंतर सायरन बजेगा।
बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला पंचायत अधिकारी, एसीएमओ, सीओ सिटी, मुख्य अग्निशमन अधिकारी, विद्युत और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। आपदा विशेषज्ञ डॉ. चन्दन ने मॉक ड्रिल के सम्बन्ध में पीपीटी के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी।