कृष्ण, देवल ब्यूरो, अंबेडकर नगर ।मन की मलीनता को सत्संगति का साबुन दूर करता है किंतु बाह्य जगत की गंदगी और दूषण जनजागृति तथा लोगों की सामूहिक जवाबदेही से साफ होते हैं। यही स्वच्छता ही उत्तम स्वास्थ्य की नियामक होती है।"ये उद्गार गांधी स्मारक संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, राजेसुलतानपुर के प्राचार्य प्रभात कुमार तिवारी ने व्यक्त किए।श्री तिवारी विशेष रासेयो शिविर के द्वितीय दिवस आयोजित बौद्धिकी सत्र में स्वच्छता विषयक संगोष्ठी को बतौर मुख्य आमंत्रित वक्ता संबोधित कर रहे थे। मालूम हो कि गांधी स्मारक इंटर कॉलेज,राजेसुलतानपुर में संचालित राष्ट्रीय सेवा योजना शिविरार्थियों का सप्त दिवसीय विशेष का आयोजन विगत 27 जनवरी से उक्त संस्कृत पाठशाला में किया जा रहा है।इस अवसर पर आज शिविर के द्वितीय दिवस भोर में ही राघवेंद्र कुमार तथा सुनील कुमार दोनों कार्यक्रमाधिकारियों के निर्देशन में वृहद सफाई अभियान चलाया गया।जिसके अंतर्गत संस्कृत पाठशाला के परिसर को साफ करने के उपरांत गढ़वल -राजेसुलतानपुर संपर्क मार्ग में सड़क पर बने गड्ढों को मिट्टी से बंद किया गया।इसके उपरांत पूर्वाह्न 10 बजे पूर्ववत ध्वजारोहण के साथ सरस्वती पूजा और आमंत्रित अतिथियों के स्वागत सहित शिविरार्थियों द्वारा शिविर की रिपोर्टिंग प्रस्तुत की गई।इसके पूर्व विद्यालय के प्रबंधक सर्वेंद्र वीर विक्रम सिंह तथा प्रधानाचार्य डॉ.कप्तान सिंह और प्रधानाचार्य प्रभात तिवारी तथा राष्ट्रपति स्काउट मलखान सिंह ने वाग्देवी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन तथा पुष्पार्चन् करते हुए कार्यक्रम की शुरुआत की।कार्यक्रम संचालन डॉ .उदयराज मिश्र एवं पूर्व कार्यक्रमाधिकारी राजेश मिश्र ने किया जबकि द्वितीय पाली में शिविरार्थी कृतिका जायसवाल तथा दिव्यांशी ने किया।आज बौद्धिकी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानाचार्य कप्तान सिंह ने जीवन में स्वच्छता का महत्व बताते हुए शोधक और मोचक पर विस्तार से प्रकाश डाला जबकि डॉ .उदयराज मिश्र ने सफाई की उपादेयता को बताते हुए इसे जीवन का अनिवार्य अंग बताया।इसी तरह कार्यक्रम को प्रख्यात आर्टिस्ट अमरनाथ पांडेय,सुधीर शुक्ल तथा आचार्य बलराम सहित अनेक विद्वानों से संबोधित किया।कार्यक्रम दो फरवरी तक अनवरत चलता रहेगा।